झारखंड के गिरिडीह जिले से एक बार फिर जमीन विवाद में खूनी खेल की हैरान करने वाली वारदात सामने आई है। देवरी थाना क्षेत्र के खसलोडीह चकमंजो गांव में जमीन के टुकड़े को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे और पत्थर चले। इस हिंसक झड़प में दोनों पक्षों के कुल आठ लोग लहूलुहान होकर घायल हो गए हैं। इनमें से चार की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है, जिन्हें डॉक्टरों ने गिरिडीह सदर अस्पताल रेफर कर दिया है। वारदात के बाद से गांव में भारी तनाव का माहौल है।
लंबे समय से चल रहा था विवाद, अचानक रणक्षेत्र बना गांव
मिली जानकारी के अनुसार, चकमंजो गांव में दोनों पक्षों के बीच एक भूखंड के मालिकाना हक को लेकर काफी समय से मनमुटाव चल रहा था। बुधवार को विवादित जमीन पर कब्जे और स्वामित्व की बात को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। शुरुआत में तीखी कहासुनी और गाली-गलौज हुई, लेकिन देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों तरफ से लोग लाठी-डंडे, रॉड और पत्थर लेकर एक-दूसरे पर टूट पड़े।
चीख-पुकार के बीच दौड़े ग्रामीण, सिर और शरीर पर आई गंभीर चोटें
इस हिंसक संघर्ष के दौरान गांव में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। हमले में कई लोगों के सिर फट गए, तो कई के हाथ-पैर टूट गए। हंगामे की आवाज सुनकर भारी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव कर दोनों पक्षों को शांत कराया। ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को तुरंत पास के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां मौजूद डॉक्टरों ने चार घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए तुरंत गिरिडीह सदर अस्पताल रेफर कर दिया। अन्य घायलों का इलाज स्थानीय स्तर पर चल रहा है।
पुलिस ने संभाला मोर्चा, गांव में सुरक्षा बढ़ाई गई
घटना की भनक लगते ही देवरी थाना पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद अस्पताल पहुंचकर घायलों और उनके परिजनों से पूछताछ शुरू कर दी है। एहतियात के तौर पर और दोबारा कोई हिंसक झड़प न हो, इसके लिए गांव में पुलिस की गश्त और निगरानी बढ़ा दी गई है।
पुलिस का बयान:
“जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों में मारपीट की सूचना मिली थी, जिसमें कुछ लोग घायल हुए हैं। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। दोनों पक्षों से लिखित शिकायत मिलने के बाद संबंधित धाराओं के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गांव में शांति व्यवस्था कायम है।”
