लौहनगरी के साकची बाजार से लापता हुई तीन वर्षीय बच्ची आफरीन के अपहरण मामले का पुलिस ने महज कुछ ही दिनों में सफल खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में एक दंपती को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने संतान न होने की वजह से इस वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बच्ची को पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले से सकुशल बरामद कर उसके रोते-बिलखते परिजनों को सौंप दिया है।
संतान सुख की चाह में बने किडनैपर, 10 साल से नहीं थे बच्चे
सिटी एसपी ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अब्दुल जसीम उर्फ लखन (42 वर्ष) और उसकी पत्नी अफसाना बेगम (30 वर्ष) के रूप में हुई है। पूछताछ में दंपती ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उनकी शादी को करीब 10 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन उन्हें कोई संतान नहीं हुई। इसी वजह से उन्होंने साकची बाजार से बच्ची का अपहरण किया और उसे छिपाने के लिए अपने गांव ले गए थे।
खरीदारी के दौरान अचानक गायब हो गई थी आफरीन
घटना 26 मई की है, जब मानगो डिमना बस्ती के हयात नगर निवासी मोहम्मद इम्तियाज अपनी पत्नी और बच्चों के साथ साकची बाजार में खरीदारी करने आए थे। इसी दौरान भीड़भाड़ का फायदा उठाकर आरोपियों ने उनकी तीन वर्षीय बेटी आफरीन को अगवा कर लिया। काफी खोजबीन के बाद भी जब बच्ची का सुराग नहीं मिला, तो परिजनों ने साकची थाना में शिकायत दर्ज कराई।
50 से अधिक CCTV फुटेज खंगालकर SIT ने फैलाया जाल
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष जांच दल का गठन किया गया था। नगर पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व और साकची थाना प्रभारी गोपाल कृष्ण यादव की देखरेख में टीम ने साकची बाजार और आसपास के क्षेत्रों के 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस आखिरकार आरोपियों के सुराग तक पहुँचने में कामयाब रही।
बंगाल के पुरुलिया में छापेमारी, कपाली में किराए पर रहता था दंपती
पुलिस ने मिले सुरागों के आधार पर पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले के झालदा थाना क्षेत्र स्थित पुष्टि गांव में दबिश दी और बच्ची को बरामद कर दंपती को दबोच लिया। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी दंपती मूल रूप से बंगाल का है, लेकिन वर्तमान में सरायकेला-खरसावां जिले के कपाली थाना क्षेत्र (ओल्ड पुरुलिया रोड, करीम सिटी कॉलेज के पास) में किराए के मकान में रह रहा था। पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल दो स्मार्टफोन भी जब्त किए हैं।
जमशेदपुर पुलिस की कामयाबी:
इस बेहद संवेदनशील मामले का चंद दिनों में पर्दाफाश करने और मासूम बच्ची को सुरक्षित वापस लाने के लिए साकची थाना पुलिस और एसआईटी की चौतरफा सराहना की जा रही है।
