जमशेदपुर: शहर में बुधवार को हुई दो अलग-अलग हत्या की घटनाओं ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। परसुडीह और एमजीएम थाना क्षेत्रों में हुई इन वारदातों में संदेह और पारिवारिक विवाद के कारण दो लोगों की जान चली गई। पुलिस ने दोनों मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
अवैध संबंध के शक में चालक की हत्या
पहली घटना परसुडीह थाना क्षेत्र के करनडीह लाइन टोला की है। यहां 35 वर्षीय मोहन सोरेन, जो मूल रूप से ओडिशा के रहने वाले थे और कान्वाई चालक के रूप में काम करते थे, की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार स्थानीय निवासी राजू मुर्मू को अपनी पत्नी और मोहन सोरेन के बीच कथित अवैध संबंध होने का संदेह था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। मंगलवार देर रात हुए झगड़े के दौरान राजू मुर्मू ने कथित रूप से देकची, लाठी और अन्य भारी वस्तुओं से मोहन पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल मोहन को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। आरोपी की पत्नी ने पुलिस को बताया कि उसका पति शराब के नशे में घर आया था और उससे मारपीट करने लगा। डर के कारण वह अपने दोनों बच्चों के साथ पड़ोसी के घर चली गई थी। महिला ने यह भी कहा कि मोहन सोरेन उसे रिश्ते में “मामी” कहकर बुलाते थे और उनके बीच किसी प्रकार का अनुचित संबंध नहीं था। पुलिस उसके बयान की भी जांच कर रही है।
पत्नी के चरित्र पर संदेह, खलबट्टे से की हत्या
दूसरी घटना एमजीएम थाना क्षेत्र की है, जहां बापी मंडल ने अपनी 38 वर्षीय पत्नी गीता मंडल की हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार बापी मंडल को लंबे समय से पत्नी के चरित्र पर संदेह था, जिसको लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। मंगलवार को भी इसी मुद्दे पर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि गुस्से में आकर बापी मंडल ने रसोई में रखे खलबट्टे से गीता मंडल के सिर पर कई वार कर दिए। गंभीर रूप से घायल गीता को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जांच में यह भी सामने आया है कि बापी मंडल और गीता मंडल दोनों की यह दूसरी शादी थी और उनके वैवाहिक जीवन में लंबे समय से तनाव बना हुआ था।
दोनों मामलों की जांच जारी
दोनों घटनाओं के बाद शहर में चर्चा का माहौल है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। एक ही दिन में हुई इन दो हत्याओं ने यह सवाल फिर खड़ा कर दिया है कि रिश्तों में संदेह, अविश्वास और आवेश किस तरह कुछ ही क्षणों में कई जिंदगियों को तबाह कर सकता है। इन घटनाओं से दो परिवारों की खुशियां उजड़ गईं और कई लोग अपूरणीय दुख के साये में आ गए।
