शहरी भारत में हर तीसरा शख्स ‘फैटी लिवर’ का शिकार, लापरवाही की तो हो सकता है कैंसर

डॉक्टरों का कहना है कि यह छोटी सी दिखने वाली लापरवाही भविष्य में जानलेवा साबित हो सकती है।

Johar News Times
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अक्सर लोग अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में ‘फैटी लिवर’ (Fatty Liver) देखकर उसे मामूली समझकर छोड़ देते हैं। अगर आप भी ऐसा कर रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। डॉक्टरों का कहना है कि यह छोटी सी दिखने वाली लापरवाही भविष्य में जानलेवा साबित हो सकती है। ‘जर्नल ऑफ क्लिनिकल एंड एक्सपेरिमेंटल हेपेटोलॉजी’ में प्रकाशित एक हालिया रिसर्च के अनुसार, शहरी भारत में हर तीसरा व्यक्ति किसी न किसी स्तर के फैटी लिवर से पीड़ित है।

बिना लक्षणों के शरीर को खोखला कर रही है बीमारी

इस बीमारी की सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह कई सालों तक बिना किसी स्पष्ट लक्षण के शरीर में पनपती रहती है। भारत में इसके बढ़ने के मुख्य कारण हैं:

  • मोटापा और टाइप-2 डायबिटीज
  • अनहेल्दी खानपान और जंक फूड का अधिक सेवन
  • कम शारीरिक गतिविधि (Sedentary Lifestyle)
  • खराब नींद और मानसिक तनाव

लिवर क्यों है जरूरी? लिवर हमारे शरीर में पोषक तत्वों को प्रोसेस करने, विषैले पदार्थों (Toxins) को बाहर निकालने और मेटाबॉलिज्म को ठीक रखने जैसे कई महत्वपूर्ण काम करता है। इसकी सेहत बिगड़ने का सीधा असर पूरे शरीर पर पड़ता है।

क्या फैटी लिवर को घर पर ठीक किया जा सकता है?

वरिष्ठ डॉक्टर शलीन अग्रवाल के अनुसार, शुरुआती चरण में फैटी लिवर को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है, क्योंकि लिवर में खुद को रिपेयर करने की अद्भुत क्षमता होती है।

वजन घटाने का जादुई असर: नेशनल इंस्टीट्यूट्स ऑफ हेल्थ (NIH) की स्टडीज के मुताबिक:

  • शरीर का कुल वजन 5% कम करने से लिवर में जमा फैट घटने लगता है।
  • वजन 7 से 10% कम करने पर लिवर की सूजन (Inflammation) में भारी सुधार होता है।
  • कुछ मामलों में शुरुआती फाइब्रोसिस (लिवर के निशान) को भी रिवर्स किया जा सकता है।

क्रैश डाइट से बचें, अपनाएं ये उपाय

एक्सपर्ट्स का कहना है कि फैटी लिवर ठीक करने के लिए अचानक से खाना छोड़ना या क्रैश डाइट अपनाना खतरनाक हो सकता है। इसकी जगह इन बातों का ध्यान रखें:

  1. संतुलित भोजन: डाइट में हरी सब्जियां, फल और फाइबर शामिल करें। चीनी और तली-भुनी चीजों से दूर रहें।
  2. नियमित व्यायाम: रोज कम से कम 30 मिनट वॉक, योग या एक्सरसाइज करें।
  3. ब्लड शुगर कंट्रोल: डायबिटीज के मरीज अपना शुगर लेवल मेंटेन रखें।
  4. भरपूर नींद: 7-8 घंटे की गहरी नींद बेहद जरूरी है।

नजरअंदाज किया तो लिवर ट्रांसप्लांट ही बचेगा रास्ता

यदि फैटी लिवर का समय पर इलाज न किया जाए, तो यह आगे चलकर लिवर फाइब्रोसिस, सिरोसिस, लिवर फेलियर और लिवर कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियों में बदल सकता है। कई बार मरीज बेहद गंभीर स्थिति में अस्पताल पहुंचते हैं, जहां लिवर ट्रांसप्लांट के अलावा कोई और रास्ता नहीं बचता। इसलिए समय रहते लाइफस्टाइल बदलें और सतर्क रहें।

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