खाद्य तेल की पैकिंग को लेकर सरकार का बड़ा फैसला: अब हर ब्रांड का साइज होगा एक जैसा

अगर आप भी बाजार से सरसों, सोयाबीन या सूरजमुखी का तेल खरीदते समय '1 लीटर' के धोखे में कम तेल घर ला रहे थे

Johar News Times
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अगर आप भी बाजार से सरसों, सोयाबीन या सूरजमुखी का तेल खरीदते समय ‘1 लीटर’ के धोखे में कम तेल घर ला रहे थे, तो अब आपके लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। केंद्र सरकार ने खाने का तेल बेचने वाली कंपनियों के लिए नियमों को बेहद कड़ा कर दिया है। अब कोई भी कंपनी मनमाने साइज के पैकेट या बोतलें नहीं बेच पाएगी।

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने खाद्य तेलों की पैकिंग को लेकर एक नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की है। इसके तहत अब देश के सभी प्रमुख ब्रांड्स को एक ही तय साइज (Standard Sizes) में तेल बेचना होगा।

क्या हैं सरकार के नए नियम?

नए नियमों के अनुसार, अब सभी प्रमुख खाद्य तेल (जैसे- सरसों, सोयाबीन, सूरजमुखी, पाम ऑयल, मूंगफली और ब्लेंडेड ऑयल) केवल नीचे दिए गए निर्धारित वजन में ही बेचे जा सकेंगे:

  • छोटे पैक: 200 ग्राम और 500 ग्राम
  • मध्यम पैक: 1 किलो, 2 किलो, 3 किलो, 4 किलो और 5 किलो
  • बड़े पैक (कमर्शियल): 15 किलो और 20 किलो

बड़ा बदलाव: इसके साथ ही अब कंपनियों के लिए पैकेट पर प्रति ग्राम या प्रति किलो की कीमत (Unit Price) को स्पष्ट रूप से लिखना अनिवार्य कर दिया गया है। ताकि ग्राहक आसानी से तुलना कर सकें।

आखिर सरकार को क्यों उठाना पड़ा यह कदम?

बाजार में पिछले काफी समय से कंपनियां सीधे दाम बढ़ाने के बजाय पैकेट का साइज छोटा करने की चालाकी कर रही थीं। इकोनॉमिक्स की भाषा में इस खेल को ‘श्रिंकफ्लेशन’ (Shrinkflation) कहा जाता है।

पहले बाजार में 1 लीटर के बजाय 650ml, 810ml, 850ml, 875ml, 900ml और 950ml जैसे अजीबो-गरीब साइज के पैक बिक रहे थे।

ग्राहकों के साथ ऐसे हो रहा था खेल:

  1. दिखने में एक जैसे: ये पैकेट दिखने में बिल्कुल 1 लीटर जैसे ही लगते थे।
  2. भ्रम पैदा करना: इनके दाम 1 लीटर के मुकाबले थोड़े कम रखे जाते थे, जिससे ग्राहकों को लगता था कि तेल सस्ता मिल रहा है।
  3. असलियत: असल में ग्राहक कम मात्रा के लिए प्रति लीटर के हिसाब से ज्यादा कीमत चुका रहे होते थे।

इस फैसले से उपभोक्ताओं को क्या होगा फायदा?

  • पारदर्शिता : अब बाजार में मनमानी पैकिंग पर पूरी तरह रोक लगेगी। ग्राहकों को कीमतों की सही और पारदर्शी जानकारी मिलेगी।
  • धोखाधड़ी से बचाव: ग्राहकों को अब यह साफ पता चलेगा कि वे कितनी मात्रा (वजन) के लिए पैसे दे रहे हैं, जिससे ‘कम तेल’ मिलने का धोखा खत्म हो जाएगा।
  • आसान तुलना: हर ब्रांड का साइज एक जैसा होने के कारण ग्राहक आसानी से तय कर पाएंगे कि कौन सा ब्रांड किफायती है।

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