लगातार बढ़ती महंगाई के इस दौर में हर कोई अपने और अपने परिवार के सुरक्षित भविष्य के लिए बचत (Savings) करना चाहता है। लेकिन अक्सर लोग सोचते हैं कि बचत करने के लिए बड़ी रकम की जरूरत होती है। हकीकत इसके उलट है। अगर आप अपनी छोटी-छोटी रोजमर्रा की आदतों में मामूली बदलाव कर लें, तो हर महीने 4,000 से 5,000 रुपये तक आसानी से बचा सकते हैं। इसका सीधा मतलब है कि साल भर में आपकी जेब में 48,000 से 60,000 रुपये तक की अतिरिक्त रकम होगी।
आइए जानते हैं उन 6 आदतों के बारे में, जिन्हें बदलकर आप फाइनेंशियली मजबूत बन सकते हैं:
1. बाहर के खाने (In-Out Dining) पर लगाएं लगाम
आजकल वीकेंड हो या वर्किंग डेज, बाहर से खाना मंगाना या रेस्टोरेंट जाना एक ट्रेंड बन चुका है। इसके चक्कर में महीने का एक बड़ा हिस्सा खाने-पीने पर खर्च हो जाता है। बाहर के अनहेल्दी खाने को कम करके घर के साफ-सुथरे और पौष्टिक भोजन को प्राथमिकता दें। यह आपकी सेहत और जेब, दोनों के लिए बड़ा बूस्टर साबित होगा।
2. सेल और डिस्काउंट के चक्कर में ‘ओवर-शॉपिंग’ से बचें
ई-कॉमर्स वेबसाइट्स पर सेल और भारी डिस्काउंट देखते ही लोग अक्सर वो सामान भी खरीद लेते हैं जिसकी उन्हें तुरंत जरूरत नहीं होती। ऑनलाइन शॉपिंग करने से पहले एक लिस्ट बनाएं। अगर कोई सामान आपके रोजाना के इस्तेमाल का नहीं है, तो उसे कार्ट में डालने से बचें।
3. अनयूज्ड सब्सक्रिप्शन (OTT Platforms) को कहें बाय-बाय
आजकल लगभग हर दूसरे व्यक्ति के फोन में कई OTT प्लेटफॉर्म्स (Netflix, Prime, Hotstar आदि) और डिजिटल ऐप्स के सब्सक्रिप्शन होते हैं। कई बार हम इनका इस्तेमाल भी नहीं करते लेकिन हर महीने पैसे ऑटो-डेबिट होते रहते हैं। केवल उन्हीं प्लेटफॉर्म्स की मेंबरशिप रखें जिन्हें आप नियमित देखते हैं।
4. कैशबैक और रिवॉर्ड्स का सही इस्तेमाल
डिजिटल पेमेंट के इस दौर में UPI, क्रेडिट कार्ड और डिजिटल वॉलेट्स पर कई तरह के कैशबैक और रिवॉर्ड पॉइंट्स मिलते हैं। इनका स्मार्टली इस्तेमाल करें। हालांकि, इस बात का खास ध्यान रखें कि सिर्फ कैशबैक पाने के लालच में एक्स्ट्रा शॉपिंग या फिजूलखर्च न करें।
5. पेट्रोल के खर्च को ऐसे करें मैनेज
सब्जी मंडी जाना हो या पास की दुकान पर, हर काम के लिए गाड़ी निकालने की आदत जेब पर भारी पड़ती है। कम दूरी के लिए पैदल चलने या साइकिल का इस्तेमाल करने की आदत डालें। इसके अलावा लंबी दूरी के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट (Public Transport) या पूल व्हीकल का विकल्प चुनें। इससे पेट्रोल और गाड़ी के मेंटेनेंस का खर्च आधा हो जाएगा।
6. थंब रूल अपनाएं: ‘पहले बचत, फिर खर्च’
ज्यादातर लोग सैलरी आने पर पहले खर्च करते हैं और जो बचता है, उसे सेव करते हैं। इस आदत को बदलें। सैलरी अकाउंट में आते ही सबसे पहले एक निश्चित हिस्सा (जैसे 10% या 20%) अपने सेविंग अकाउंट में ट्रांसफर कर दें या ऑटो-डेबिट मोड पर डाल दें। इसके बाद बचे हुए पैसों से महीने का बजट चलाएं।
बचे हुए पैसों का क्या करें?
इस तरह से बचाए गए 4-5 हजार रुपये को सिर्फ बैंक खाते में रखने के बजाय आप SIP (Systematic Investment Plan), म्यूचुअल फंड या किसी अन्य सुरक्षित निवेश (Safe Investment Option) माध्यम में लगा सकते हैं। कंपाउंडिंग (Compounding) की ताकत से यही छोटी सी बचत भविष्य में आपके लिए लाखों रुपये का एक बड़ा फंड तैयार कर देगी।
