मिड-डे मील में फर्जीवाड़ा रोकने और वास्तविक छात्र संख्या सुनिश्चित करने के लिए अभियान तेज, जिला व प्रखंड स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त,
जमशेदपुर : झारखंड सरकार के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने पूर्वी सिंहभूम सहित राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं का शत-प्रतिशत बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन सुनिश्चित करने का निर्देश जारी किया है। विभाग के सचिव उमा शंकर सिंह ने सभी उपायुक्तों, जिला शिक्षा पदाधिकारियों (डीईओ) और जिला शिक्षा अधीक्षकों (डीएसई) को पत्र भेजकर इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा है। सरकार के निर्देश के अनुसार प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (मध्याह्न भोजन) योजना से लाभान्वित सभी बच्चों का आधार नामांकन और बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन अनिवार्य होगा। यह निर्णय भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की वार्षिक कार्ययोजना एवं बजट बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुरूप लिया गया है।
31 अगस्त तक पूरा करना होगा लक्ष्य
विभाग ने सभी विद्यालयों को 31 अगस्त 2026 तक विद्यार्थियों का बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन पूरा करने का लक्ष्य दिया है। अभियान की प्रगति की हर 15 दिन में समीक्षा होगी तथा रिपोर्ट झारखंड राज्य मध्याह्न भोजन प्राधिकरण को भेजी जाएगी। इसके अलावा डेटा को प्रत्येक माह पीएम पोषण एमआईएस पोर्टल पर अपलोड करना भी अनिवार्य होगा।
मिड-डे मील में पारदर्शिता लाने की पहल
अधिकारियों के अनुसार यह कदम मध्याह्न भोजन योजना में संभावित फर्जीवाड़े को रोकने और वास्तविक छात्र संख्या के आधार पर स्कूलों को राशि उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उठाया गया है। यूआईडीएआई के नियमों के तहत 5 से 7 वर्ष तथा 15 से 17 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों का दो चरणों में बायोमेट्रिक अपडेट कराया जाना आवश्यक है। वर्तमान में 31 अक्टूबर 2026 तक यह सुविधा निःशुल्क उपलब्ध है।
स्कूलों में लगेंगे विशेष शिविर
अभियान को सफल बनाने के लिए जिला स्तर पर अतिरिक्त जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (एडीपीओ) तथा प्रखंड स्तर पर बीईईओ और बीपीओ को नोडल अधिकारी बनाया गया है। बच्चों और अभिभावकों की सुविधा के लिए स्कूल एवं संकुल स्तर पर विशेष आधार ऑथेंटिकेशन शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि उन्हें अधिक दूरी तय न करनी पड़े।
लोहरदगा सबसे आगे, चतरा सबसे पीछे
30 अप्रैल 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार राज्य के 36.82 लाख नामांकित विद्यार्थियों में से केवल 73 प्रतिशत का ही बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन हो सका है। जिलों की रैंकिंग में लोहरदगा 99 प्रतिशत के साथ पहले स्थान पर है, जबकि रामगढ़, जामताड़ा और गोड्डा भी बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों में शामिल हैं। दूसरी ओर चतरा महज 11 प्रतिशत ऑथेंटिकेशन के साथ सबसे पीछे है। पलामू और लातेहार में भी यह आंकड़ा केवल 48 प्रतिशत है, जिसे जल्द सुधारने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग का मानना है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर अभियान पूरा होने से विद्यालयी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बढ़ेगी और छात्रों का सटीक डाटा उपलब्ध हो सकेगा।
