सरायकेला-खरसावां की उप विकास आयुक्त रीना हांसदा की अध्यक्षता में बुधवार को समाहरणालय सभागार में आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम के तहत चयनित सरायकेला, गम्हरिया एवं कुकड़ू प्रखंडों में संचालित विभिन्न योजनाओं और प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों (केपीआई) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र, पशुपालन, पेयजल एवं स्वच्छता, वित्तीय समावेशन तथा आधारभूत संरचना विकास से संबंधित योजनाओं की विभागवार समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान जिन संकेतकों में प्रखंडों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर पाया गया, उनमें सुधार के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
उप विकास आयुक्त ने स्वास्थ्य एवं पोषण क्षेत्र में सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर छह माह से छह वर्ष तक के बच्चों का शत-प्रतिशत वजन एवं ऊंचाई मापन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही गंभीर एवं मध्यम कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र भेजने, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने तथा शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने पर बल दिया।
शिक्षा विभाग को विद्यालय छोड़ चुके बच्चों की पहचान कर उनका पुनः नामांकन सुनिश्चित करने, सभी स्कूलों में पेयजल एवं शौचालय सुविधाओं को क्रियाशील रखने के निर्देश दिए गए। कृषि क्षेत्र में किसान क्रेडिट कार्ड की संतृप्ति, मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अनुरूप उर्वरकों के उपयोग तथा ड्रिप सिंचाई को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
पेयजल विभाग को हर घर नल-जल योजना के तहत छूटे हुए सभी घरों में 15 जून तक जलापूर्ति कनेक्शन उपलब्ध कराने का लक्ष्य दिया गया। वहीं वित्तीय समावेशन के तहत प्रधानमंत्री जनधन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना एवं अटल पेंशन योजना में सभी पात्र लाभुकों को शामिल करने का निर्देश दिया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त ने कहा कि आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम का उद्देश्य पिछड़े प्रखंडों का समग्र विकास कर उन्हें राष्ट्रीय औसत के स्तर तक पहुंचाना है। इसके लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ मिशन मोड में कार्य करना होगा।
उन्होंने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को साप्ताहिक समीक्षा कर प्रगति प्रतिवेदन जिला स्तर पर उपलब्ध कराने तथा कमजोर प्रदर्शन वाले संकेतकों के लिए सात दिनों के भीतर कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
बैठक में जिला योजना पदाधिकारी, सिविल सर्जन, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
