झारखंड सरकार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पहल पर शहरों में मिक्स्ड लैंड यूज व्यवस्था लागू करने की योजना बना रही है। इसके तहत आवासीय क्षेत्रों में ही स्कूल, अस्पताल, दुकानें और कार्यालय विकसित किए जा सकेंगे, जिससे लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। यह मॉडल रांची, जमशेदपुर, धनबाद और बोकारो जैसे बड़े शहरों में शहरी विकास को नया रूप देगा। इससे ट्रैफिक का दबाव, प्रदूषण और शहरों का अनियंत्रित विस्तार कम होगा। सरकार ‘पॉजिटिव लिस्ट’ की जगह ‘नेगेटिव लिस्ट’ मॉडल अपनाने पर विचार कर रही है, जिसमें सिर्फ प्रतिबंधित कामों की सूची होगी और बाकी सभी गतिविधियों को मंजूरी मिल जाएगी। इससे बिजनेस करना आसान होगा। विशेषज्ञों के अनुसार, यह नीति झारखंड को भविष्य के “वॉक-टू-वर्क” और “वॉक-टू-सर्विस” मॉडल की ओर ले जाएगी, जहां सुविधाएं कदमों की दूरी पर होंगी।

झारखंड सरकार राज्य को देश के प्रमुख मानसून डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की तैयारी कर रही है। पहाड़ी राज्यों में बारिश के दौरान भूस्खलन और बाढ़ के खतरों के बीच, झारखंड के पर्यटन स्थल अपेक्षाकृत सुरक्षित हैं। इसी का लाभ उठाने के लिए सरकार पर्यटन सीजन को अक्टूबर-फरवरी से बढ़ाकर जुलाई से फरवरी करने की योजना बना रही है। मानसून के दौरान हुंडरू, दशम और जोन्हा जैसे जलप्रपातों के साथ नेतरहाट और पतरातू घाटी की प्राकृतिक सुंदरता चरम पर होती है। इस पहल से होटल, ट्रैवल ऑपरेटरों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। पर्यटन में तेजी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार, वर्ष 2024 में राज्य में 5.40 करोड़ घरेलू पर्यटक पहुंचे, जो पिछले वर्ष से 51% अधिक हैं। सरकार अब ईको और एडवेंचर टूरिज्म के जरिए इस आंकड़े को और बढ़ाना चाहती है।

गुड़ाबांदा की फॉरेस्ट ब्लॉक पंचायत के माछभंडार गांव में ग्रामीणों ने प्रशासन का इंतजार छोड़ खुद ही सड़क निर्माण का जिम्मा उठा लिया। वर्षों से जर्जर और कीचड़युक्त रास्ते से परेशान लोगों ने जिला परिषद, प्रखंड कार्यालय और जनप्रतिनिधियों से कई बार गुहार लगाई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। विशेषकर बारिश के दिनों में सड़क दलदल बन जाती थी, जिससे स्कूली बच्चों और मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। प्रशासनिक उदासीनता से तंग आकर ग्रामीणों ने बैठक की, आपस में चंदा जुटाया और मुरूम की व्यवस्था की। इसके बाद युवाओं और बुजुर्गों ने मिलकर सामूहिक श्रमदान से करीब दो किलोमीटर लंबी सड़क की मरम्मत कर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की। ग्रामीणों ने अब प्रशासन से इस सड़क को जल्द से जल्द पक्का करने की मांग की है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन रविवार शाम बिना किसी सुरक्षा काफिले और कारकेड के आम आदमी बनकर रांची की सड़कों पर निकले। कांके रोड स्थित आवास से शहर की यातायात व्यवस्था का जायजा लेते हुए वे कांटाटोली चौक पहुंचे। वहां अव्यवस्थित ट्रैफिक और भारी जाम को देखकर मुख्यमंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई। वाहन से उतरकर उन्होंने मौके पर तैनात यातायात पुलिस अधिकारियों को व्यवस्था तुरंत सुधारने और अवैध पार्किंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के इस औचक निरीक्षण से प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। यह पहली बार नहीं है; इससे पहले भी 13 दिसंबर 2025 और 28 अप्रैल 2026 को वे बिना तामझाम के जमीनी हकीकत जानने सड़कों पर उतर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राजधानी की ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त करना सरकार की प्राथमिकता है और इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने 21 जून को होने वाली नीट यूजी पुनर्परीक्षा को कंप्यूटर आधारित (सीबीटी) मोड में कराने की मांग को खारिज कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि परीक्षा से ठीक पहले इस तरह का बदलाव करना व्यावहारिक नहीं है। यह याचिका राजद सांसद सुधाकर सिंह की ओर से दायर की गई थी, जिस पर जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस अरविंद कुमार की पीठ ने सुनवाई की। अदालत ने कहा कि परीक्षा रद्द होने के बाद दोबारा आयोजन कराने में अधिकारी पहले ही कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, इसलिए इस स्तर पर नई व्यवस्था लागू नहीं की जा सकती। हालांकि, कोर्ट ने याचिका को पूरी तरह खारिज न करते हुए इसे जुलाई में होने वाली अन्य नीट याचिकाओं के साथ टैग कर दिया है। फिलहाल, 21 जून की परीक्षा तय कार्यक्रम के अनुसार ऑफलाइन यानी पेन-पेपर मोड में ही होगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रसिद्ध पार्श्व गायिका सुमन कल्याणपुर के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। सोशल मीडिया पर जारी अपने शोक संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि सुमन कल्याणपुर की मधुर आवाज और भावपूर्ण गायन ने भारतीय संगीत जगत को समृद्ध किया है। उन्होंने अपने यादगार गीतों के माध्यम से सिनेमा और संगीत की दुनिया में एक अमिट छाप छोड़ी है, जो आने वाली पीढ़ियों को भी हमेशा प्रेरित करती रहेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी अनूठी आवाज ने उन्हें करोड़ों संगीत प्रेमियों के दिलों में एक विशेष स्थान दिलाया। दिवंगत गायिका के परिजनों, प्रशंसकों और पूरे संगीत जगत के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले की तीखी निंदा की है। उन्होंने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन हिंसा और हमलों के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए। राजनीतिक विरोध का जवाब हमेशा तर्क, संवाद और जनमत से दिया जाना चाहिए, न कि भय और बल प्रयोग से। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि पर हमला लोकतांत्रिक मूल्यों के बिल्कुल विपरीत है। मुख्यमंत्री सोरेन ने संबंधित जांच एजेंसियों से इस मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों को कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की है।

पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार का सोमवार को बड़ा मंत्रिमंडल विस्तार हुआ। राज्यपाल आर.एन. रवि ने एक समारोह में 35 नए मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके साथ ही राज्य मंत्रिपरिषद की कुल संख्या बढ़कर 41 हो गई है। इससे पहले 9 मई को मुख्यमंत्री के साथ केवल पांच मंत्रियों ने शपथ ली थी। नए मंत्रियों में अर्जुन सिंह, तापस रॉय, शंकर घोष, और स्वप्न दासगुप्ता जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। इस विस्तार में ब्राह्मण, ओबीसी, आदिवासी, मतुआ और राजबंशी सहित विभिन्न समुदायों को शामिल कर क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन साधने का प्रयास किया गया है। 294 सदस्यीय विधानसभा में अधिकतम 44 मंत्री बनाए जा सकते हैं, जिसके तहत अब भी तीन पद रिक्त हैं। राजनीतिक हलकों में अब नए मंत्रियों को मिलने वाले विभागों के आवंटन पर नजरें टिकी हैं।

झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स में वेतन संकट गहरा गया है। पिछले ढाई महीने से वेतन नहीं मिलने से नाराज डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिकल कर्मियों सहित 1500 से अधिक कर्मचारियों ने सोमवार को डायरेक्टर कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही वेतन का भुगतान नहीं किया गया, तो वे कार्य बहिष्कार के लिए मजबूर होंगे। इससे अस्पताल की आपातकालीन और ओपीडी जैसी स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप हो सकती हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वेतन न मिलने से उनके सामने बच्चों की फीस और ईएमआई (EMI) भरने जैसी गंभीर आर्थिक चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। दूसरी ओर, रिम्स प्रशासन का कहना है कि वित्तीय और प्रशासनिक स्तर पर चल रही जांच प्रक्रिया के कारण भुगतान में देरी हुई है, जिसे जल्द ही सुलझा लिया जाएगा।

झारखंड मंत्रालय में सोमवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने शिष्टाचार मुलाकात की। इस बैठक के दौरान दोनों नेताओं के बीच राज्य से जुड़े विभिन्न समसामयिक विषयों और विकास के मुद्दों पर संक्षिप्त चर्चा हुई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुके देकर केंद्रीय मंत्री का स्वागत किया और उन्हें राज्य सरकार की ओर से भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। सूत्रों के अनुसार, यह मुलाकात बेहद सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। हालांकि, इस बैठक को लेकर किसी विशेष एजेंडे या आधिकारिक निर्णय की जानकारी साझा नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टिकोण से इस उच्च स्तरीय मुलाकात को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर उपस्थित रहे।

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