राजधानी दिल्ली समेत पूरा उत्तर भारत इस समय भीषण गर्मी और जानलेवा लू (Heatwave) की चपेट में है। मई के महीने में मौसम का मिजाज इस कदर बिगड़ चुका है कि अब सिर्फ दिन ही नहीं, बल्कि रातें भी भट्टी की तरह तप रही हैं। आमतौर पर सूरज ढलने के बाद मौसम में थोड़ी नरमी आती थी, लेकिन इस बार दिल्ली-एनसीआर, यूपी और बिहार समेत कई राज्यों में रात का तापमान भी 35 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है। डॉक्टरों ने इसे सेहत के लिए एक गंभीर ‘मेडिकल इमरजेंसी’ करार दिया है।
क्यों खतरनाक है ‘गर्म रात’ का ट्रेंड?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, जब रात का तापमान कम नहीं होता, तो मानव शरीर को खुद को ठंडा करने और रिकवर करने का समय नहीं मिल पाता। कंक्रीट के जंगलों (इमारतों और सड़कों) द्वारा दिनभर सोखी गई गर्मी रात में बाहर निकलती है, जिससे दमघोंटू स्थिति बन जाती है। इससे इंसानी शरीर की कार्यप्रणाली प्रभावित होती है और बीमार पड़ने का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है।
मौसम विभाग की चेतावनी: कई राज्यों में ‘रेड’ और ‘येलो’ अलर्ट
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. नरेश कुमार के मुताबिक, फिलहाल अगले 7 दिनों तक इस जानलेवा गर्मी से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। स्थिति को देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है:
- रेड अलर्ट (Red Alert): दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के विदर्भ में भीषण हीटवेव का रेड अलर्ट है। लोगों को दोपहर में बिना जरूरी काम के बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।
- येलो अलर्ट (Yellow Alert): जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में भी रात का पारा सामान्य से 3-5 डिग्री ऊपर होने के कारण येलो अलर्ट जारी है।
डॉक्टर की चेतावनी: हाई BP और शुगर के मरीज रहें बेहद सावधान
रात में तापमान न गिरने के कारण हीट स्ट्रोक (लू लगना) और डिहाइड्रेशन का खतरा सबसे ज्यादा बढ़ गया है।
जो लोग पहले से ही हाइपरटेंशन (High Blood Pressure), डायबिटीज (Sugar) या दिल की बीमारी से पीड़ित हैं, उनके लिए यह मौसम बेहद संवेदनशील और खतरनाक है।
खुद को हीटवेव से बचाने के लिए 4 जरूरी हेल्थ टिप्स
अगर आपको इस मौसम में सुरक्षित रहना है, तो डॉक्टरों द्वारा बताए गए इन नियमों का पालन जरूर करें:
- हाइड्रेशन को बनाएं ढाल: प्यास न भी लगे, तो भी हर थोड़ी देर में पानी पीते रहें। सादे पानी के अलावा ओआरएस (ORS) घोल, नींबू पानी, छाछ, लस्सी और नारियल पानी का सेवन बढ़ा दें।
- धूप से सीधे बचाव: यदि दोपहर में बाहर जाना जरूरी हो, तो सिर को टोपी, गमछे या छाते से ढकें। हमेशा हल्के रंग के और ढीले सूती (Cotton) कपड़े पहनें।
- खान-पान में बदलाव: ज्यादा तला-भुना और हैवी खाना खाने से बचें। अपनी डाइट में तरबूज, खरबूजा, खीरा और ककड़ी जैसे पानी से भरपूर फलों को शामिल करें।
- इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज: अगर अचानक तेज सिरदर्द, चक्कर आना, उल्टी, बहुत ज्यादा पसीना आना (या अचानक पसीना बंद हो जाना) और धड़कन तेज होने लगे, तो यह हीट स्ट्रोक के लक्षण हो सकते हैं। ऐसे में तुरंत मरीज को ठंडी जगह पर ले जाएं और डॉक्टर से संपर्क करें।
