सड़क हादसों को रोकने और सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार ने झारखंड समेत देश के सभी राज्यों के लिए बेहद कड़ा रुख अपनाया है। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने झारखंड के शहरी विकास विभाग को एक आधिकारिक पत्र भेजकर सड़कों के किनारे लगे दिशा-सूचक और यातायात संकेतकों की सुरक्षा व नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश दिया है। केंद्र ने साफ कहा है कि रोड साइनेज पर किसी भी प्रकार के पोस्टर, बैनर, राजनीतिक होर्डिंग या विज्ञापन लगाना कानूनन दंडनीय अपराध है।
क्यों लिया गया यह सख्त फैसला?
केंद्रीय मंत्रालय ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि रोड साइनेज वाहन चालकों और राहगीरों को रास्ते की दिशा, स्पीड लिमिट और आगे आने वाले खतरों (जैसे मोड़, स्कूल या पुल) की बेहद महत्वपूर्ण जानकारी देते हैं।
बढ़ता है हादसों का ग्राफ: अक्सर देखा जाता है कि लोग इन बोर्ड्स पर अपने प्रचार के पोस्टर या बैनर चिपका देते हैं। इसके ढंक जाने या क्षतिग्रस्त होने के कारण चालकों को सही समय पर सही जानकारी नहीं मिल पाती, जिससे विशेषकर रात के समय या तेज रफ्तार में भीषण सड़क दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
नगर निकायों को मिले ये कड़े आदेश:
केंद्र के इस कड़े निर्देश के बाद अब झारखंड के तमाम नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों को तुरंत अपनी-अपनी सीमाओं में समीक्षा कर आवश्यक कदम उठाने होंगे:
- अधिकारी सड़कों का नियमित दौरा करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी रोड साइनेज साफ-सुथरे और आसानी से पढ़े जाने योग्य हों।
- जो लोग या एजेंसियां इन संकेतकों पर पोस्टर-बैनर लगाकर इन्हें ढकेंगी, उन पर संबंधित कानूनों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई और जुर्माना लगाया जाएगा।
- खराब या टूट चुके संकेतकों को तुरंत बदला जाएगा और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में जरूरत के अनुसार नए और हाई-विजिबिलिटी वाले संकेतक लगाए जाएंगे।
झारखंड के शहरों में जल्द शुरू होगा विशेष अभियान
केंद्र सरकार की इस सख्ती के बाद अब राज्य के प्रमुख शहरों (जैसे रांची, जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो आदि) में नगर निकायों द्वारा एक विशेष अभियान चलाए जाने की पूरी संभावना है। इसके तहत शहरी क्षेत्रों में सड़क संकेतकों को पोस्टरबाजी और अवैध अतिक्रमण से मुक्त कराया जाएगा। प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे सरकारी संपत्ति और आपकी सुरक्षा के लिए लगे इन बोर्ड्स को नुकसान न पहुंचाएं।
