बोकारो ललपनिया का बेटा बना देश का गौरव! कुमार विवेकानंद ने भारतीय वन सेवा परीक्षा में हासिल की ऑल इंडिया 22वीं रैंक

बोकारो ललपनिया का बेटा बना देश का गौरव! कुमार विवेकानंद ने भारतीय वन सेवा परीक्षा में हासिल की ऑल इंडिया 22वीं रैंक

Johar News Times
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झारखंड के बोकारो जिला स्थित ललपनिया में पले-बढ़े और बिहार के भोजपुर जिला के बेरथ गांव के मूल निवासी कुमार विवेकानंद ने संघ लोक सेवा आयोग की प्रतिष्ठित भारतीय वन सेवा (आईएफएस) परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया रैंक 22 हासिल कर क्षेत्र और परिवार का नाम रोशन किया है। उनकी इस सफलता से ललपनिया समेत पूरे इलाके में खुशी और गर्व का माहौल है।

डीएवी ललपनिया से शुरू हुई सफलता की उड़ान

कुमार विवेकानंद की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, ललपनिया में हुई। छात्र जीवन से ही वे मेधावी और अनुशासित रहे। उन्होंने आठवीं कक्षा में राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा (एनटीएसई) भी उत्तीर्ण की थी। शिक्षकों के अनुसार वे हमेशा लक्ष्य केंद्रित छात्र रहे और हर क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करते थे।

आईआईटी खड़गपुर से की पढ़ाई

स्कूल शिक्षा के बाद उन्होंने आईआईटी प्रवेश परीक्षा पास कर आईआईटी खड़गपुर में दाखिला लिया। वहां से मैन्युफैक्चरिंग साइंस एंड इंजीनियरिंग में बीटेक और औद्योगिक प्रबंधन में मास्टर्स डिग्री हासिल की। तकनीकी क्षेत्र में बेहतर अवसर होने के बावजूद उन्होंने सिविल सेवा का रास्ता चुना।

समाजसेवा की सोच बनी प्रेरणा

विवेकानंद ने बताया कि सिविल सेवा की तैयारी के दौरान उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन समाज और देश के लिए काम करने की सोच ने उन्हें लगातार आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि सिविल सेवा केवल परीक्षा नहीं, बल्कि धैर्य, अनुशासन और आत्मविश्वास की भी परीक्षा होती है।

परिवार का मिला पूरा सहयोग

उनके पिता संतोष कुमार टीवीएनएल के टीटीपीएस ललपनिया में सहायक कार्यपालक अभियंता हैं, जबकि माता मंजू सिंह गृहिणी हैं। दो भाई और दो बहनों वाले परिवार में विवेकानंद मँझले हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, गुरुजनों और मित्रों को दिया।

विवेकानंद की इस उपलब्धि को क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा माना जा रहा है और लोग लगातार उन्हें बधाई दे रहे हैं।

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