अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ में बढ़ते तनाव के बीच एक बड़ी घटना सामने आई है। गुजरात के देवभूमि द्वारका से जुड़े भारतीय कार्गो जहाज ‘एमएसवी हाजी अली’ पर संदिग्ध ड्रोन हमला हुआ है। इस हमले के बाद जहाज में भीषण आग लग गई और वह समुद्र में डूब गया। राहत की बात यह है कि जहाज पर सवार सभी 14 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, ‘एमएसवी हाजी अली’ (BDI 1492) सोमालिया के बरबरा बंदरगाह से शारजाह की ओर माल लेकर जा रहा था। बुधवार तड़के करीब 3:30 बजे जब जहाज ओमान के लिमाह क्षेत्र के समुद्री इलाके में पहुंचा, तभी उस पर संदिग्ध ड्रोन या मिसाइलनुमा विस्फोटक वस्तु से हमला किया गया। हमले के तुरंत बाद चालक दल ने आपातकालीन सिग्नल (SOS) भेजा और लाइफबोट्स के सहारे अपनी जान बचाई।
आपातकालीन संदेश मिलते ही ओमान कोस्ट गार्ड की टीम मौके पर पहुंची और समंदर के बीच फंसे सभी 14 भारतीय नाविकों को सकुशल बाहर निकाल लिया। भारत सरकार ने इस त्वरित कार्रवाई के लिए ओमानी अधिकारियों का आभार व्यक्त किया है।
विदेश मंत्रालय ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे “पूरी तरह अस्वीकार्य” करार दिया है। मंत्रालय ने अपने बयान में कहा:
“वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक नाविकों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है। समुद्री व्यापार और नौवहन की स्वतंत्रताको प्रभावित करने वाली ऐसी घटनाएं वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं।”
विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव का नतीजा है। यह इस क्षेत्र में गुजरात से जुड़े जहाज पर हमले की दूसरी बड़ी घटना है। इससे पहले ‘अल फैज नूर सुलेमानी-1’ भी इसी तरह के हमले का शिकार हुआ था। यह मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल और व्यापारिक रास्तों में से एक है, जहाँ हाल के दिनों में ड्रोन और मिसाइल हमलों की बढ़ती घटनाओं ने वैश्विक व्यापार को डरा दिया है।
फिलहाल, ओमान पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं। अब तक किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। भारत सरकार सभी नाविकों को सुरक्षित स्वदेश लाने की प्रक्रिया में जुटी है।
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