कोल्हान क्षेत्र की आस्था और संस्कृति का प्रतीक, पांच दिवसीय ऐतिहासिक ‘हरिणा मेला’ सोमवार से शुरू होने जा रहा है। पोटका प्रखंड के प्रसिद्ध मुक्तेश्वर धाम हरिणा में रजो संक्रांति के उपलक्ष्य पर आयोजित होने वाले इस मेले की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सोमवार सुबह पारंपरिक ‘पातभोक्ता अनुष्ठान’ के साथ इस भव्य मेले का विधिवत शुभारंभ होगा।
वर्षों पुरानी परंपरा: विधायक ने निभाया फर्ज
मेला शुरू होने से एक दिन पहले रविवार को क्षेत्रीय विधायक संजीव सरदार मुक्तेश्वर धाम पहुंचे। उन्होंने अपनी वर्षों पुरानी परंपरा को कायम रखते हुए हरिणा मंदिर के पुजारियों और पातभोक्ताओं के बीच अंगवस्त्र का वितरण किया।
विधायक संजीव सरदार ने कहा:
“मैं विगत कई दशकों से हरिणा मेला शुरू होने के एक दिन पूर्व पुजारियों एवं पातभोक्ताओं को वस्त्र भेंट करता आ रहे हूँ। यह मेरी आस्था है और यह परंपरा आगे भी जारी रहेगी। सोमवार को मेले के उद्घाटन पर श्रद्धालुओं के लिए चना-गुड़ और शरबत के वितरण की व्यवस्था भी की गई है।”
तीन राज्यों से जुटेंगे हजारों श्रद्धालु, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
विधायक ने मुक्तेश्वर धाम आश्रम कमिटी के सदस्यों के साथ घंटों बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि आज मुक्तेश्वर धाम एक बड़े पर्यटन और आस्था केंद्र के रूप में स्थापित हो चुका है। यहाँ झारखंड के अलावा पड़ोसी राज्य ओडिशा और पश्चिम बंगाल से भी प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना और मेला भ्रमण में कोई असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासन और मेला कमिटी को आपसी समन्वय के साथ पूरे मेला क्षेत्र में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और वालंटियर्स तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं।
निरीक्षण और बैठक के दौरान मुख्य पुजारी सह ग्रामप्रधान बज्रांकन दंडपात, आश्रम कमिटी के अध्यक्ष दीपंकर सीट, पुजारी विकास पंडा, राखु प्रहराज, अम्बुज दंडपात, राकेश दंडपात, सितांसु नायक, रशानन्द सीट, अनिरुद्ध नायक, अमल सीट, खिरोद सीट, सरोज सीट, सूरज नायक, अमित कालिंदी और सनातन सरदार समेत भारी संख्या में मेला कमिटी के सदस्य व ग्रामीण उपस्थित थे।
