वैश्विक तेल संकट और ईंधन बचत को लेकर देशभर में चल रही चर्चा के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद मिसाल पेश करते हुए अपने काफिले का आकार काफी छोटा कर दिया है। हाल ही में दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी केवल दो गाड़ियों — रेंज रोवर और फॉर्च्यूनर के साथ सफर करते नजर आए। ANI द्वारा जारी वीडियो में उनका छोटा काफिला साफ दिखाई दिया, जिसने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है।
आमतौर पर प्रधानमंत्री के काफिले में 12 से 15 वाहन शामिल होते हैं। इनमें बुलेटप्रूफ Mercedes-Maybach S650 Guard, Range Rover, Toyota Fortuner, एस्कॉर्ट वाहन, जैमर यूनिट, डिकॉय कार और एंबुलेंस जैसी कई सुरक्षा गाड़ियां शामिल रहती हैं। हालांकि, इस बार काफिले का आकार सीमित रखते हुए जरूरी सुरक्षा प्रोटोकॉल बनाए रखे गए।
SPG ने शुरू किया नया सुरक्षा मॉडल
रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) ने प्रधानमंत्री के हालिया गुजरात, असम और हैदराबाद दौरों के दौरान इस नई व्यवस्था को लागू करना शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि “ब्लू बुक” में निर्धारित सभी अनिवार्य सुरक्षा मानकों का पालन जारी रहेगा और सुरक्षा में किसी तरह की कमी नहीं की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, यह कदम ईंधन की खपत कम करने और टिकाऊ जीवनशैली को बढ़ावा देने की व्यापक पहल का हिस्सा है। पश्चिम एशिया में जारी संकट और वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता को देखते हुए केंद्र सरकार अब मितव्ययिता और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग पर जोर दे रही है।
हैदराबाद दौरे में PM ने की थी ईंधन बचाने की अपील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में हैदराबाद दौरे के दौरान देशवासियों से ईंधन और सोने की खपत कम करने की अपील की थी। उन्होंने सार्वजनिक परिवहन, कारपूलिंग और ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने की बात कही थी। अब खुद अपने काफिले को छोटा कर प्रधानमंत्री ने इस संदेश को व्यवहारिक रूप में लागू करने का संकेत दिया है।
मंत्रालयों में भी तैयारी शुरू
सरकारी सूत्रों के अनुसार, विभिन्न मंत्रालय और विभाग अब ईंधन बचत के लिए नई रणनीतियों पर काम कर रहे हैं। इनमें कर्मचारियों को मेट्रो का उपयोग बढ़ाने, कारपूलिंग अपनाने और बड़े आयोजनों व भोजों से बचने जैसी पहल शामिल हो सकती हैं। एक अधिकारी ने बताया कि सभी विभागों को अपने स्तर पर ऐसे कदमों की पहचान करने को कहा जा रहा है, जिनसे ईंधन की खपत कम हो सके। कार्मिक विभाग की ओर से विस्तृत दिशा-निर्देश का इंतजार किया जा रहा है।
मंत्रियों की बैठक में भी उठा मुद्दा
सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई मंत्रियों के एक अनौपचारिक समूह की बैठक में भी अनावश्यक यात्रा कम कर ईंधन बचाने पर चर्चा हुई। सरकार इसे केवल प्रशासनिक कदम नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर के जनअभियान के रूप में आगे बढ़ाना चाहती है।
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