एमजीएम अस्पताल में सनसनी: छठी मंजिल से लापता हुआ मरीज, बेसमेंट के बंद गेट के पास मिला सुरक्षित

एमजीएम अस्पताल में सनसनी: छठी मंजिल से लापता हुआ मरीज, बेसमेंट के बंद गेट के पास मिला सुरक्षित

Johar News Times
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एमजीएम अस्पताल में सनसनी: छठी मंजिल से लापता हुआ मरीज, बेसमेंट के बंद गेट के पास मिला सुरक्षित,

जमशेदपुर: डिमना स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में शनिवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब छठी मंजिल के वार्ड में भर्ती एक मरीज अचानक लापता हो गया। सिदगोड़ा बागान एरिया निवासी 55 वर्षीय राजेंद्र प्रसाद राठौर के वार्ड से गायब होने के बाद परिजनों ने पूरी रात अस्पताल परिसर में उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका।

परिजनों ने भूतल से लेकर सातवीं मंजिल तक मरीज की खोजबीन की। मरीज के चलने-फिरने में असमर्थ होने के कारण उन्हें किसी अनहोनी की आशंका सताने लगी। हालांकि रात में मामले की सूचना अस्पताल के सुरक्षाकर्मियों या होमगार्ड जवानों को नहीं दी गई, जिससे खोजबीन में देरी हुई। रविवार सुबह जानकारी मिलने पर होमगार्ड प्रभारी दिग्विजय पांडेय ने तत्काल खोज अभियान शुरू कराया। उनके निर्देश पर मुकेश पांडेय, प्रदीप कुमार मिश्रा, सूरज कुमार समेत अन्य जवानों ने अस्पताल परिसर के विभिन्न हिस्सों में तलाश शुरू की। जांच के दौरान मरीज इमरजेंसी वार्ड के नीचे स्थित बेसमेंट के बंद गेट के पास सुरक्षित मिला।

मरीज के मिलने के बाद उसे उसके भाई योगेंद्र प्रसाद राठौर को सौंप दिया गया। परिजनों ने राहत की सांस लेते हुए सुरक्षाकर्मियों का आभार जताया। बताया गया कि मरीज कई दिनों से अस्पताल में भर्ती था और लगातार वार्ड में रहने से ऊब चुका था। इसी दौरान वह सीढ़ियों के सहारे छठी मंजिल से उतरते हुए बेसमेंट तक पहुंच गया। बेसमेंट का गेट बंद होने के कारण वह बाहर नहीं निकल सका और वहीं फंस गया। परिजनों के अनुसार पैर में चोट और संक्रमण के कारण मरीज की हालत गंभीर थी। डॉक्टरों ने रविवार को सर्जरी और डिस्चार्ज से संबंधित जानकारी दी थी। आशंका जताई जा रही है कि इसी वजह से वह वार्ड छोड़कर निकल गया। समय रहते मरीज के मिल जाने से एक बड़ी अनहोनी टल गई।एमजीएम अस्पताल में सनसनी: छठी मंजिल से लापता हुआ मरीज, बेसमेंट के बंद गेट के पास मिला सुरक्षित

जमशेदपुर: डिमना स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में शनिवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब छठी मंजिल के वार्ड में भर्ती एक मरीज अचानक लापता हो गया। सिदगोड़ा बागान एरिया निवासी 55 वर्षीय राजेंद्र प्रसाद राठौर के वार्ड से गायब होने के बाद परिजनों ने पूरी रात अस्पताल परिसर में उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका।

परिजनों ने भूतल से लेकर सातवीं मंजिल तक मरीज की खोजबीन की। मरीज के चलने-फिरने में असमर्थ होने के कारण उन्हें किसी अनहोनी की आशंका सताने लगी। हालांकि रात में मामले की सूचना अस्पताल के सुरक्षाकर्मियों या होमगार्ड जवानों को नहीं दी गई, जिससे खोजबीन में देरी हुई। रविवार सुबह जानकारी मिलने पर होमगार्ड प्रभारी दिग्विजय पांडेय ने तत्काल खोज अभियान शुरू कराया। उनके निर्देश पर मुकेश पांडेय, प्रदीप कुमार मिश्रा, सूरज कुमार समेत अन्य जवानों ने अस्पताल परिसर के विभिन्न हिस्सों में तलाश शुरू की। जांच के दौरान मरीज इमरजेंसी वार्ड के नीचे स्थित बेसमेंट के बंद गेट के पास सुरक्षित मिला।

मरीज के मिलने के बाद उसे उसके भाई योगेंद्र प्रसाद राठौर को सौंप दिया गया। परिजनों ने राहत की सांस लेते हुए सुरक्षाकर्मियों का आभार जताया। बताया गया कि मरीज कई दिनों से अस्पताल में भर्ती था और लगातार वार्ड में रहने से ऊब चुका था। इसी दौरान वह सीढ़ियों के सहारे छठी मंजिल से उतरते हुए बेसमेंट तक पहुंच गया। बेसमेंट का गेट बंद होने के कारण वह बाहर नहीं निकल सका और वहीं फंस गया। परिजनों के अनुसार पैर में चोट और संक्रमण के कारण मरीज की हालत गंभीर थी। डॉक्टरों ने रविवार को सर्जरी और डिस्चार्ज से संबंधित जानकारी दी थी। आशंका जताई जा रही है कि इसी वजह से वह वार्ड छोड़कर निकल गया। समय रहते मरीज के मिल जाने से एक बड़ी अनहोनी टल गई।एमजीएम अस्पताल में सनसनी: छठी मंजिल से लापता हुआ मरीज, बेसमेंट के बंद गेट के पास मिला सुरक्षित

जमशेदपुर: डिमना स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में शनिवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब छठी मंजिल के वार्ड में भर्ती एक मरीज अचानक लापता हो गया। सिदगोड़ा बागान एरिया निवासी 55 वर्षीय राजेंद्र प्रसाद राठौर के वार्ड से गायब होने के बाद परिजनों ने पूरी रात अस्पताल परिसर में उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका।

परिजनों ने भूतल से लेकर सातवीं मंजिल तक मरीज की खोजबीन की। मरीज के चलने-फिरने में असमर्थ होने के कारण उन्हें किसी अनहोनी की आशंका सताने लगी। हालांकि रात में मामले की सूचना अस्पताल के सुरक्षाकर्मियों या होमगार्ड जवानों को नहीं दी गई, जिससे खोजबीन में देरी हुई। रविवार सुबह जानकारी मिलने पर होमगार्ड प्रभारी दिग्विजय पांडेय ने तत्काल खोज अभियान शुरू कराया। उनके निर्देश पर मुकेश पांडेय, प्रदीप कुमार मिश्रा, सूरज कुमार समेत अन्य जवानों ने अस्पताल परिसर के विभिन्न हिस्सों में तलाश शुरू की। जांच के दौरान मरीज इमरजेंसी वार्ड के नीचे स्थित बेसमेंट के बंद गेट के पास सुरक्षित मिला।

मरीज के मिलने के बाद उसे उसके भाई योगेंद्र प्रसाद राठौर को सौंप दिया गया। परिजनों ने राहत की सांस लेते हुए सुरक्षाकर्मियों का आभार जताया। बताया गया कि मरीज कई दिनों से अस्पताल में भर्ती था और लगातार वार्ड में रहने से ऊब चुका था। इसी दौरान वह सीढ़ियों के सहारे छठी मंजिल से उतरते हुए बेसमेंट तक पहुंच गया। बेसमेंट का गेट बंद होने के कारण वह बाहर नहीं निकल सका और वहीं फंस गया। परिजनों के अनुसार पैर में चोट और संक्रमण के कारण मरीज की हालत गंभीर थी। डॉक्टरों ने रविवार को सर्जरी और डिस्चार्ज से संबंधित जानकारी दी थी। आशंका जताई जा रही है कि इसी वजह से वह वार्ड छोड़कर निकल गया। समय रहते मरीज के मिल जाने से एक बड़ी अनहोनी टल गई।एमजीएम अस्पताल में सनसनी: छठी मंजिल से लापता हुआ मरीज, बेसमेंट के बंद गेट के पास मिला सुरक्षित

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जमशेदपुर: डिमना स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में शनिवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब छठी मंजिल के वार्ड में भर्ती एक मरीज अचानक लापता हो गया। सिदगोड़ा बागान एरिया निवासी 55 वर्षीय राजेंद्र प्रसाद राठौर के वार्ड से गायब होने के बाद परिजनों ने पूरी रात अस्पताल परिसर में उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका।

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परिजनों ने भूतल से लेकर सातवीं मंजिल तक मरीज की खोजबीन की। मरीज के चलने-फिरने में असमर्थ होने के कारण उन्हें किसी अनहोनी की आशंका सताने लगी। हालांकि रात में मामले की सूचना अस्पताल के सुरक्षाकर्मियों या होमगार्ड जवानों को नहीं दी गई, जिससे खोजबीन में देरी हुई। रविवार सुबह जानकारी मिलने पर होमगार्ड प्रभारी दिग्विजय पांडेय ने तत्काल खोज अभियान शुरू कराया। उनके निर्देश पर मुकेश पांडेय, प्रदीप कुमार मिश्रा, सूरज कुमार समेत अन्य जवानों ने अस्पताल परिसर के विभिन्न हिस्सों में तलाश शुरू की। जांच के दौरान मरीज इमरजेंसी वार्ड के नीचे स्थित बेसमेंट के बंद गेट के पास सुरक्षित मिला।

मरीज के मिलने के बाद उसे उसके भाई योगेंद्र प्रसाद राठौर को सौंप दिया गया। परिजनों ने राहत की सांस लेते हुए सुरक्षाकर्मियों का आभार जताया। बताया गया कि मरीज कई दिनों से अस्पताल में भर्ती था और लगातार वार्ड में रहने से ऊब चुका था। इसी दौरान वह सीढ़ियों के सहारे छठी मंजिल से उतरते हुए बेसमेंट तक पहुंच गया। बेसमेंट का गेट बंद होने के कारण वह बाहर नहीं निकल सका और वहीं फंस गया। परिजनों के अनुसार पैर में चोट और संक्रमण के कारण मरीज की हालत गंभीर थी। डॉक्टरों ने रविवार को सर्जरी और डिस्चार्ज से संबंधित जानकारी दी थी। आशंका जताई जा रही है कि इसी वजह से वह वार्ड छोड़कर निकल गया। समय रहते मरीज के मिल जाने से एक बड़ी अनहोनी टल गई।एमजीएम अस्पताल में सनसनी: छठी मंजिल से लापता हुआ मरीज, बेसमेंट के बंद गेट के पास मिला सुरक्षित

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परिजनों ने भूतल से लेकर सातवीं मंजिल तक मरीज की खोजबीन की। मरीज के चलने-फिरने में असमर्थ होने के कारण उन्हें किसी अनहोनी की आशंका सताने लगी। हालांकि रात में मामले की सूचना अस्पताल के सुरक्षाकर्मियों या होमगार्ड जवानों को नहीं दी गई, जिससे खोजबीन में देरी हुई। रविवार सुबह जानकारी मिलने पर होमगार्ड प्रभारी दिग्विजय पांडेय ने तत्काल खोज अभियान शुरू कराया। उनके निर्देश पर मुकेश पांडेय, प्रदीप कुमार मिश्रा, सूरज कुमार समेत अन्य जवानों ने अस्पताल परिसर के विभिन्न हिस्सों में तलाश शुरू की। जांच के दौरान मरीज इमरजेंसी वार्ड के नीचे स्थित बेसमेंट के बंद गेट के पास सुरक्षित मिला।

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परिजनों ने भूतल से लेकर सातवीं मंजिल तक मरीज की खोजबीन की। मरीज के चलने-फिरने में असमर्थ होने के कारण उन्हें किसी अनहोनी की आशंका सताने लगी। हालांकि रात में मामले की सूचना अस्पताल के सुरक्षाकर्मियों या होमगार्ड जवानों को नहीं दी गई, जिससे खोजबीन में देरी हुई। रविवार सुबह जानकारी मिलने पर होमगार्ड प्रभारी दिग्विजय पांडेय ने तत्काल खोज अभियान शुरू कराया। उनके निर्देश पर मुकेश पांडेय, प्रदीप कुमार मिश्रा, सूरज कुमार समेत अन्य जवानों ने अस्पताल परिसर के विभिन्न हिस्सों में तलाश शुरू की। जांच के दौरान मरीज इमरजेंसी वार्ड के नीचे स्थित बेसमेंट के बंद गेट के पास सुरक्षित मिला।

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परिजनों ने भूतल से लेकर सातवीं मंजिल तक मरीज की खोजबीन की। मरीज के चलने-फिरने में असमर्थ होने के कारण उन्हें किसी अनहोनी की आशंका सताने लगी। हालांकि रात में मामले की सूचना अस्पताल के सुरक्षाकर्मियों या होमगार्ड जवानों को नहीं दी गई, जिससे खोजबीन में देरी हुई। रविवार सुबह जानकारी मिलने पर होमगार्ड प्रभारी दिग्विजय पांडेय ने तत्काल खोज अभियान शुरू कराया। उनके निर्देश पर मुकेश पांडेय, प्रदीप कुमार मिश्रा, सूरज कुमार समेत अन्य जवानों ने अस्पताल परिसर के विभिन्न हिस्सों में तलाश शुरू की। जांच के दौरान मरीज इमरजेंसी वार्ड के नीचे स्थित बेसमेंट के बंद गेट के पास सुरक्षित मिला।

मरीज के मिलने के बाद उसे उसके भाई योगेंद्र प्रसाद राठौर को सौंप दिया गया। परिजनों ने राहत की सांस लेते हुए सुरक्षाकर्मियों का आभार जताया। बताया गया कि मरीज कई दिनों से अस्पताल में भर्ती था और लगातार वार्ड में रहने से ऊब चुका था। इसी दौरान वह सीढ़ियों के सहारे छठी मंजिल से उतरते हुए बेसमेंट तक पहुंच गया। बेसमेंट का गेट बंद होने के कारण वह बाहर नहीं निकल सका और वहीं फंस गया। परिजनों के अनुसार पैर में चोट और संक्रमण के कारण मरीज की हालत गंभीर थी। डॉक्टरों ने रविवार को सर्जरी और डिस्चार्ज से संबंधित जानकारी दी थी। आशंका जताई जा रही है कि इसी वजह से वह वार्ड छोड़कर निकल गया। समय रहते मरीज के मिल जाने से एक बड़ी अनहोनी टल गई।जमशेदपुर: डिमना स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में शनिवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब छठी मंजिल के वार्ड में भर्ती एक मरीज अचानक लापता हो गया। सिदगोड़ा बागान एरिया निवासी 55 वर्षीय राजेंद्र प्रसाद राठौर के वार्ड से गायब होने के बाद परिजनों ने पूरी रात अस्पताल परिसर में उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका।

परिजनों ने भूतल से लेकर सातवीं मंजिल तक मरीज की खोजबीन की। मरीज के चलने-फिरने में असमर्थ होने के कारण उन्हें किसी अनहोनी की आशंका सताने लगी। हालांकि रात में मामले की सूचना अस्पताल के सुरक्षाकर्मियों या होमगार्ड जवानों को नहीं दी गई, जिससे खोजबीन में देरी हुई। रविवार सुबह जानकारी मिलने पर होमगार्ड प्रभारी दिग्विजय पांडेय ने तत्काल खोज अभियान शुरू कराया। उनके निर्देश पर मुकेश पांडेय, प्रदीप कुमार मिश्रा, सूरज कुमार समेत अन्य जवानों ने अस्पताल परिसर के विभिन्न हिस्सों में तलाश शुरू की। जांच के दौरान मरीज इमरजेंसी वार्ड के नीचे स्थित बेसमेंट के बंद गेट के पास सुरक्षित मिला।

मरीज के मिलने के बाद उसे उसके भाई योगेंद्र प्रसाद राठौर को सौंप दिया गया। परिजनों ने राहत की सांस लेते हुए सुरक्षाकर्मियों का आभार जताया। बताया गया कि मरीज कई दिनों से अस्पताल में भर्ती था और लगातार वार्ड में रहने से ऊब चुका था। इसी दौरान वह सीढ़ियों के सहारे छठी मंजिल से उतरते हुए बेसमेंट तक पहुंच गया। बेसमेंट का गेट बंद होने के कारण वह बाहर नहीं निकल सका और वहीं फंस गया। परिजनों के अनुसार पैर में चोट और संक्रमण के कारण मरीज की हालत गंभीर थी। डॉक्टरों ने रविवार को सर्जरी और डिस्चार्ज से संबंधित जानकारी दी थी। आशंका जताई जा रही है कि इसी वजह से वह वार्ड छोड़कर निकल गया। समय रहते मरीज के मिल जाने से एक बड़ी अनहोनी टल गई।

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