रांची: झारखंड की राजनीति में पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ आदिवासी नेता चंपई सोरेन को लेकर एक बार फिर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के युवा नेता ब्रह्मदेव पासवान ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए चंपई सोरेन के सम्मान को मुद्दा बनाया है। ब्रह्मदेव पासवान ने अपने पोस्ट में कहा कि झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेताओं में शामिल चंपई सोरेन ने अलग राज्य के संघर्ष में अपना पूरा जीवन समर्पित किया है। उन्होंने दावा किया कि झामुमो में रहते हुए चंपई सोरेन को ‘टाइगर’ की पहचान, मुख्यमंत्री पद और पूरा सम्मान मिला था।
युवा नेता ने एक राजनीतिक कार्यक्रम की तस्वीर का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि भाजपा की एक बैठक में अन्य नेता मंच पर कुर्सियों पर बैठे नजर आए, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन पीछे खड़े दिखाई दिए। उन्होंने इसे केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि चंपई सोरेन को अपना नेता मानने वाले लाखों समर्थकों के सम्मान से जुड़ा विषय बताया। ब्रह्मदेव पासवान ने भाजपा पर क्षेत्रीय नेताओं के सम्मान की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी चुनावी लाभ के लिए ऐसे नेताओं का इस्तेमाल करती है, लेकिन उन्हें उचित राजनीतिक सम्मान नहीं देती। उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है।
