रांची: झारखंड में अगले वर्ष अप्रैल-मई 2027 में प्रस्तावित त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को चुनाव संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा कर आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
पंचायत चुनाव के तहत जिला परिषद सदस्य, मुखिया, पंचायत समिति सदस्य और वार्ड सदस्य का चुनाव कराया जाएगा। आयोग ने जिलों से पंचायतों की संख्या, मतदान केंद्रों की स्थिति, उपलब्ध संसाधनों तथा बड़ी और छोटी मतपेटियों का ब्यौरा मांगा है।
निर्वाचन आयोग की योजना के अनुसार प्रत्येक मतदान केंद्र पर दो बड़ी और एक छोटी मतपेटी रखी जाएगी। मतदाताओं को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के बजाय पारंपरिक बैलेट पेपर के माध्यम से मतदान करना होगा। मतपेटियों की उपलब्धता को लेकर मांगी गई जानकारी से यह लगभग स्पष्ट हो गया है कि इस बार भी पंचायत चुनाव मतपत्र प्रणाली से ही कराए जाएंगे।
मतदाताओं की सुविधा के लिए प्रत्येक पद के लिए अलग-अलग रंग के बैलेट पेपर का उपयोग किया जाएगा। जिला परिषद सदस्य के लिए हल्का पीला, पंचायत समिति सदस्य के लिए हल्का हरा, मुखिया के लिए गुलाबी और वार्ड सदस्य के लिए सफेद रंग का मतपत्र निर्धारित किया गया है। आयोग का मानना है कि अलग-अलग रंगों के मतपत्र से मतदान प्रक्रिया अधिक सरल होगी और ग्रामीण मतदाताओं को सही पद के लिए मतदान करने में आसानी होगी। पंचायत चुनाव को लेकर गांवों और प्रखंडों में चुनावी गतिविधियां धीरे-धीरे तेज होने लगी हैं।
