महंगाई ने छीना गरीबों के पक्के घर का सपना: घाटशिला में 15 लाभुकों ने लौटाई आवास योजना की राशि

महंगाई ने छीना गरीबों के पक्के घर का सपना: घाटशिला में 15 लाभुकों ने लौटाई आवास योजना की राशि

Johar News Times
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बालू, ईंट और गिट्टी के बढ़ते दामों से निर्माण कार्य ठप, किस्तों में देरी ने बढ़ाई परेशानी,

घाटशिला, अबुआ आवास, प्रधानमंत्री आवास और जनमन आवास जैसी सरकारी योजनाएं घाटशिला में बढ़ती महंगाई की मार झेल रही हैं। निर्माण सामग्री के बढ़ते दाम और किस्तों के भुगतान में देरी के कारण कई गरीब परिवार आवास निर्माण पूरा नहीं कर पा रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि प्रखंड में अब तक करीब 15 लाभुक पहली किस्त की राशि प्रशासन को वापस लौटा चुके हैं।

प्रशासन एक ओर लाभुकों पर जल्द आवास निर्माण पूरा करने का दबाव बना रहा है, वहीं दूसरी ओर बालू, ईंट, गिट्टी और सरिया की बढ़ती कीमतों ने गरीब परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है। पिछले 15 दिनों में बालू की कीमत 4,500 रुपये से बढ़कर 5,300 रुपये, ईंट 10 हजार से 11 हजार रुपये और गिट्टी 6,500 से 7,300 रुपये तक पहुंच गई है।

सुदूर गांवों में परिवहन खर्च भी बना परेशानी
झाटीझरना पंचायत की मुखिया कुमारी पुष्पा सिंह ने बताया कि पंचायत के कई गांव मुख्यालय से 26-27 किलोमीटर दूर स्थित हैं। खराब सड़कों और लंबी दूरी के कारण निर्माण सामग्री पहुंचाने में अतिरिक्त परिवहन खर्च लग रहा है, जिससे लाभुकों की लागत और बढ़ गई है।

क्या कहते हैं लाभुक

न्यागाम पावड़ा पंचायत की काकुली सीट ने बताया कि जमीन संबंधी विवाद और निर्माण सामग्री की बढ़ती कीमतों के कारण उन्होंने पहली किस्त की राशि वापस कर दी। अमाईनगर की शांति धवल देव ने कहा कि बाजार में ईंट-बालू के दाम जानने के बाद उन्हें लगा कि सरकारी राशि में मकान बनाना संभव नहीं है। वहीं झारना धवल देव का कहना है कि बढ़ती महंगाई के कारण पहली किस्त के 30 हजार रुपये भी नाकाफी साबित हुए, इसलिए राशि वापस करनी पड़ी।

छतरडांगा गांव की मायनो किस्कू ने बताया कि केवल नींव तैयार करने में ही लगभग 60 हजार रुपये खर्च हो गए, जबकि पहली किस्त में मात्र 30 हजार रुपये मिले थे। सांपा सिंह ने कहा कि अब तक करीब 1.80 लाख रुपये मिले हैं, लेकिन वर्तमान महंगाई में इतनी राशि से आवास पूरा करना मुश्किल हो गया है। सविता सिंह ने बताया कि दूसरी किस्त के बाद तीसरी किस्त का इंतजार है, जबकि बरसात से निर्माण लागत और बढ़ गई है। अजना सिंह और बसंती सिंह ने भी कहा कि महंगाई और किस्तों में देरी के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है और उन्हें अपनी जेब से अतिरिक्त राशि लगानी पड़ रही है।

क्या कहती हैं बीडीओ

प्रखंड विकास पदाधिकारी यूनिका शर्मा ने स्वीकार किया कि निर्माण सामग्री की कीमतों में वृद्धि हुई है और सुदूर क्षेत्रों में परिवहन लागत भी अधिक है। उन्होंने कहा कि लाभुकों की शिकायतों की जानकारी है तथा लंबित किस्तों की सूची जिला मुख्यालय भेज दी गई है। हालांकि योजना की राशि या नियमों में बदलाव करना स्थानीय प्रशासन के अधिकार क्षेत्र में नहीं है।

महंगाई, परिवहन लागत और किस्तों में देरी के बीच घाटशिला में गरीबों के लिए पक्का घर बनाने का सपना लगातार मुश्किल होता जा रहा है।

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