भारत और पाकिस्तान के बीच जब भी हॉकी का मुकाबला होता है, रोमांच अपने चरम पर होता है। लंदन में खेले गए एफआईएच प्रो लीग के एक बेहद हाई-वोल्टेज मैच में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने अपने चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 4-3 से हरा दिया। इस रोमांचक जीत के साथ ही हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली ‘मेन इन ब्लू’ ने पाकिस्तान के खिलाफ पिछले 10 वर्षों से जारी अपने अजेय रिकॉर्ड को शान से बरकरार रखा है।
शुरुआती झटके के बाद टीम इंडिया की दमदार वापसी
मैच की शुरुआत भारतीय टीम के लिए अच्छी नहीं रही। पाकिस्तानी टीम ने आक्रामक रुख अपनाते हुए मैच के 8वें मिनट में ही अहमद नदीम के गोल की बदौलत 1-0 की बढ़त बना ली थी। लेकिन इसके बाद भारतीय शेरों ने जो वापसी की, उसने पाकिस्तान को बैकफुट पर धकेल दिया।
- मैच के 22वें मिनट में अभिषेक ने एक शानदार मैदानी गोल दागकर भारत को 1-1 की बराबरी पर ला खड़ा किया।
- इस गोल के ठीक दो मिनट बाद नीलकांत शर्मा ने पाकिस्तानी डिफेंस को भेदते हुए गेंद को जाल में डाल दिया और भारत को 2-1 से आगे कर दिया। हाफ टाइम तक भारत इसी बढ़त के साथ मजबूत स्थिति में था।
दूसरे हाफ में भी भारत का दबदबा: स्कोर हुआ 4-1
तीसरे क्वार्टर में भारतीय फॉरवर्ड लाइन ने पाकिस्तानी गोलपोस्ट पर हमले जारी रखे। मैच के सुखजीत सिंह ने एक बेहतरीन फील्ड गोल कर स्कोर को 3-1 कर दिया।
चौथे और आखिरी क्वार्टर में भारत को एक पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिसे रजिंदर सिंह ने बिना कोई गलती किए गोल में तब्दील कर दिया और भारत की बढ़त को 4-1 के सुरक्षित स्कोर पर पहुंचा दिया।
आखिरी मिनटों में पाकिस्तान का पलटवार, पर ‘द वॉल’ सा अड़ा भारतीय डिफेंस
“4-1 से पिछड़ने के बाद पाकिस्तान ने मैच में वापसी के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी, लेकिन भारतीय डिफेंस ने आखिरी सेकंड तक उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया।”
मैच के 53वें मिनट में पाकिस्तान के अबु मोहम्मद ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला। इसके तुरंत बाद मोइन शकील ने एक और गोल दागकर स्कोर 4-3 कर दिया। मैच के आखिरी 5 मिनट सांसें रोक देने वाले थे। पाकिस्तानी टीम बराबरी का गोल दागने के लिए लगातार हमले कर रही थी, लेकिन भारतीय डिफेंडर्स और गोलकीपर ने दबाव को बखूबी झेला। फाइनल हूटर बजते ही भारत ने 4-3 से जीत अपनी झोली में डाल ली।
