गढ़वा: गढ़वा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी पहल शुरू की है। आने वाले समय में जिले के सभी सरकारी और निजी अस्पताल पूरी तरह पेपरलेस व्यवस्था से संचालित होंगे। मरीजों के रजिस्ट्रेशन, जांच, दवा, इलाज और डिस्चार्ज तक की प्रक्रिया ऑनलाइन की जाएगी। इसको लेकर सिविल सर्जन कार्यालय में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
सिविल सर्जन डॉ. जॉन एफ. केनेडी ने बताया कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत जिले में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद मरीजों को कागजी फाइलें साथ लेकर चलने की जरूरत नहीं होगी। उनका पूरा मेडिकल रिकॉर्ड ‘आभा’ ऐप और डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड में सुरक्षित रहेगा। उन्होंने बताया कि मरीज दोबारा किसी भी अस्पताल में इलाज कराने जाएगा तो डॉक्टर पोर्टल पर उसकी पुरानी बीमारी, जांच रिपोर्ट और दवाओं की जानकारी तुरंत देख सकेंगे। इससे इलाज में सटीकता आएगी और समय की बचत होगी।
जिले में 13.5 लाख लोगों को आभा आईडी से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक करीब 5.5 लाख लोगों का पंजीकरण हो चुका है। लक्ष्य पूरा करने के लिए निजी अस्पतालों और क्लीनिकों को भी मरीजों का आभा रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही सभी मेडिकल संस्थानों को हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री से जोड़ा जा रहा है।
बैठक में डिजिटल व्यवस्था लागू करने में आ रही चुनौतियों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने कहा कि सरकारी और निजी अस्पतालों के कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण देने की जरूरत है। वहीं कई जरूरतमंद लोग राशन कार्ड नहीं होने के कारण आयुष्मान कार्ड नहीं बनवा पा रहे हैं, जिससे वे योजनाओं का लाभ लेने से वंचित हैं।
डिजिटल मिशन की प्रगति की समीक्षा के लिए सरकार की दो सदस्यीय टीम भी गढ़वा पहुंची थी। इस दौरान संयुक्त निदेशक मोनिका राणा, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के कंसल्टेंट अफजल अंसारी, डीपीएम गौरव कुमार समेत कई
स्वास्थ्य अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का डिजिटलीकरण सरकार की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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