पश्चिमी सिंहभूम जिले में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से उपायुक्त मनीष कुमार और पुलिस अधीक्षक अमित रेनु ने सीआरपीएफ डीआईजी विनोद कार्तिक से मुलाकात की। चाईबासा स्थित कार्यालय में हुई इस बैठक में जिले की सुरक्षा, विकास और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक के दौरान नक्सल उन्मूलन अभियान की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने संवेदनशील और दुर्गम क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की गतिविधियों को और प्रभावी बनाने, अभियान की रणनीति को मजबूत करने तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर विचार-विमर्श किया। साथ ही सुरक्षा एजेंसियों और जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।
चर्चा में जिले के दूरस्थ गांवों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उपायों पर भी विशेष ध्यान दिया गया। स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क संपर्क, पेयजल, आजीविका संवर्धन और आधारभूत संरचना से संबंधित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए इन्हें अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
अधिकारियों ने माना कि सुरक्षा और विकास एक-दूसरे के पूरक हैं। ऐसे में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से स्थानीय लोगों का विश्वास बढ़ेगा और क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।
बैठक में सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रशासन और सुरक्षा बलों के बीच निरंतर समन्वय बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की गई।
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