डुमरिया : गुड़ाबांदा प्रखंड की बनमाकड़ी पंचायत स्थित सुवर्णरेखा नदी के कड़ियामोहन पाल और नदीपाल घाट पर रविवार को वैध बालू खनन कार्य का विधिवत शुभारंभ किया गया। वर्षों की प्रतीक्षा और प्रशासनिक-कानूनी प्रक्रियाओं के बाद शुरू हुए इस खनन कार्य का उद्घाटन स्थानीय ग्राम प्रधानों ने नारियल फोड़कर किया।
गोदावरी कमोडिटी लिमिटेड को सरकार की लीज शर्तों के तहत दोनों घाटों पर खनन का अधिकार मिला है। करीब 81 हेक्टेयर क्षेत्र में वैज्ञानिक तरीके से बालू खनन और उठाव का कार्य किया जाएगा। कंपनी के प्रतिनिधि जितेंद्र कुमार ने बताया कि प्रतिवर्ष 10 करोड़ सीएफटी बालू उठाव का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे सरकार को राजस्व प्राप्त होगा और लोगों को उचित दर पर बालू उपलब्ध हो सकेगी। ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि वैध खनन शुरू होने से अवैध बालू कारोबार पर रोक लगेगी और स्थानीय युवाओं, मजदूरों तथा वाहन चालकों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
खान निरीक्षक अरविंद उरांव ने बताया कि खनन शुरू करने के लिए सभी आवश्यक वैधानिक स्वीकृतियां पहले ही प्राप्त हो चुकी थीं। शनिवार को प्रदूषण नियंत्रण विभाग द्वारा कंसेंट टू ऑपरेट (CTO) जारी किए जाने के बाद परियोजना को अंतिम मंजूरी मिली। सीटीओ प्रमाणपत्र यह सुनिश्चित करता है कि खनन कार्य पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप संचालित होगा।
बालू घाट का उद्घाटन कोईमा के ग्राम प्रधान बलराम बारिक और उपरपाथरपाड़ा के ग्राम प्रधान गोष्टो बिहारी बेरा ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय लोग उपस्थित रहे। कंपनी के अनुसार, बालू का बेस प्राइस 12.8 रुपये प्रति सीएफटी निर्धारित किया गया है। इसमें रॉयल्टी, डीएमएफटी, पर्यावरण सेस, आयकर, प्रबंधन शुल्क, परिवहन खर्च और कंपनी का लाभ जोड़कर अंतिम दर सोमवार को जारी की जाएगी। खनन कार्य शुरू होने से क्षेत्र में निर्माण गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।
