भिलाई: छत्तीसगढ़ के चर्चित सीजीपीएससी भर्ती घोटाला मामले में सीबीआई ने बुधवार सुबह रिटायर्ड आईएएस जेके ध्रुव के भिलाई स्थित आवास पर छापेमारी की। दो वाहनों में पहुंची टीम दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच कर रही है। सीबीआई जांच में आरोप है कि वर्ष 2020 से 2022 के बीच आयोजित राज्य सेवा परीक्षाओं में पेपर लीक और चयन प्रक्रिया में धांधली कर रिश्तेदारों व प्रभावशाली लोगों के करीबियों को लाभ पहुंचाया गया। जांच एजेंसी के अनुसार, तत्कालीन सीजीपीएससी अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी ने पद का दुरुपयोग किया। आरोप है कि एक निजी कंपनी से सीएसआर मद के 45 लाख रुपये उस एनजीओ को दिए गए, जिसकी अध्यक्ष उनकी पत्नी थीं, और इसके बदले प्रश्नपत्र लीक किए गए।
क्या है मामला?
डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी समेत विभिन्न पदों की भर्ती में सोनवानी के रिश्तेदारों और वीआईपी परिवारों के लोगों के चयन पर सवाल उठे थे। इसी आधार पर सीबीआई ने 9 जुलाई 2024 को मामला दर्ज किया था।
प्राथमिकी में तत्कालीन अध्यक्ष, सचिव और अन्य अधिकारियों पर अपने पुत्र-पुत्रियों व रिश्तेदारों को चयनित कराने का आरोप है। वर्ष 2021 की भर्ती प्रक्रिया में 1.29 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने प्रारंभिक परीक्षा दी थी, जिनमें से 2,548 मुख्य परीक्षा, 509 साक्षात्कार और 170 उम्मीदवार अंतिम रूप से चयनित हुए थे। इस मामले में सीबीआई पहले ही टामन सिंह सोनवानी और बजरंग पावर के निदेशक श्रवण कुमार गोयल को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच अभी जारी है।
