सावधान! ‘घर बैठे कमाई’ सिखाने वाला Seekho App विवादों में, हजारों यूजर्स ने की ऑनलाइन ठगी की शिकायत।

अपनी मेहनत की कमाई को किसी भी ऐप पर लगाने से पहले उसकी सच्चाई की जांच जरूर करें।

Johar News Times
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आज के डिजिटल युग में स्किल सीखना और घर बैठे कमाई करना हर युवा का सपना है, लेकिन इसी सपने का फायदा उठाकर कुछ ऐप्स विवादों के घेरे में आ गए हैं। इनमें से एक बड़ा नाम है Seekho App, जिसे अब तक लगभग 150 मिलियन (15 करोड़) से ज्यादा लोग डाउनलोड कर चुके हैं। हाल ही में इस ऐप को लेकर सोशल मीडिया और प्ले स्टोर पर ठगी और ‘ऑटो-पे’ के जरिए पैसे कटने की शिकायतों की बाढ़ आ गई है।

आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला और कैसे यूजर्स इसके जाल में फंस रहे हैं।


क्या है Seekho App?

सीखो (Seekho) एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जो छोटे-छोटे वीडियो के जरिए ऑनलाइन बिजनेस, यूट्यूब से कमाई, सोशल मीडिया ग्रोथ और अंग्रेजी बोलना सिखाने का दावा करता है। आसान भाषा और आकर्षक विज्ञापनों की वजह से यह ऐप खासकर छोटे शहरों और गांवों के युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हुआ है।


विवाद की मुख्य वजह: ‘₹1 का ट्रायल’ और ऑटो-पे का जाल

यूजर्स द्वारा दी गई शिकायतों के अनुसार, ठगी और परेशानी का सिलसिला कुछ इस तरह शुरू होता है:

  • ₹1 का लालच: विज्ञापन में दावा किया जाता है कि यूजर सिर्फ 1 रुपये देकर ट्रायल ले सकते हैं।
  • ऑटो-डिडक्शन (Auto-Deduction): ट्रायल के लिए पेमेंट करते समय यूजर्स से अनजाने में Auto-Pay इनेबल करा लिया जाता है। इसके बाद, बिना किसी सूचना या ओटीपी के, हर महीने यूजर के बैंक अकाउंट या UPI से सब्सक्रिप्शन की बड़ी राशि कटने लगती है।
  • हटाना मुश्किल: कई यूजर्स ने शिकायत की है कि एक बार सब्सक्रिप्शन शुरू होने के बाद इसे बंद (Cancel) करने का विकल्प आसानी से नहीं मिलता।

कैसे बुना जाता है ठगी का ताना-बना?

शिकायतकर्ताओं और एक्सपर्ट्स के मुताबिक, लोगों को फंसाने के लिए इन तरीकों का इस्तेमाल किया जाता है:

  1. भ्रामक विज्ञापन: यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर “घर बैठे लाखों कमाएं” या “मोबाइल से बिजनेस शुरू करें” जैसे लुभावने वादे करना।
  2. कंटेंट की गुणवत्ता: कई यूजर्स का कहना है कि जो जानकारी ऐप पर पैसे लेकर दी जा रही है, वह यूट्यूब पर मुफ्त में उपलब्ध है।
  3. कॉल और मैसेज का दबाव: एक बार ऐप पर रजिस्टर करने के बाद, कोर्स खरीदने के लिए लगातार प्रमोशनल कॉल्स और मैसेज के जरिए दबाव बनाया जाता है।
  4. ‘सीखो बेचो’ मॉडल: कुछ रिपोर्ट्स में ‘Seekho Becho’ जैसे मॉडल्स पर भी सवाल उठाए गए हैं, जहां कम निवेश में बड़े मुनाफे का सपना दिखाकर और पैसे ऐंठे जाते हैं।

एक्सपर्ट्स की सलाह: डिजिटल फ्रॉड से कैसे बचें?

इंटरनेट पर हर चमकती चीज सोना नहीं होती। अगर आप भी किसी लर्निंग ऐप का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें:

  • शर्तें ध्यान से पढ़ें: किसी भी ‘फ्री ट्रायल’ या ‘₹1 ऑफर’ को लेने से पहले नियम और शर्तें जरूर पढ़ें। देखें कि कहीं उसमें ऑटो-रिन्यूअल (Auto-Renewal) तो शामिल नहीं है।
  • रेटिंग और रिव्यू: प्ले स्टोर पर केवल स्टार रेटिंग न देखें, बल्कि ‘Most Recent’ और ‘Critical’ रिव्यू भी पढ़ें।
  • UPI मैंडेट चेक करें: अपने UPI ऐप (जैसे PhonePe, Google Pay) में जाकर ‘Autopay’ सेक्शन चेक करें और किसी भी अनचाहे पेमेंट को तुरंत ब्लॉक करें।
  • शॉर्टकट से बचें: जो ऐप रातों-रात अमीर बनने का दावा करे, समझ लीजिए कि वहां जोखिम ज्यादा है।

डिजिटल दौर में सीखना जरूरी है, लेकिन समझदारी उससे भी ज्यादा। अपनी मेहनत की कमाई को किसी भी ऐप पर लगाने से पहले उसकी सच्चाई की जांच जरूर करें।

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