चाईबासा, पश्चिमी सिंहभूम जिले में डीएमएफटी फंड के उपयोग को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच बड़ाजामदा-नोवामुंडी मुख्य सड़क पर स्थित एक जर्जर पुलिया की बदहाल स्थिति से नाराज महिलाओं ने खुद मोर्चा संभाल लिया। आजीविका ग्राम संगठन, बड़ाजामदा की महिलाओं ने श्रमदान कर सुखचैन मोटर के पास स्थित पुलिया और सड़क के गड्ढों में मुरूम व मिट्टी भरकर उसे समतल किया।
लंबे समय से जर्जर है पुलिया
बड़ाजामदा से नोवामुंडी जाने वाले प्रमुख मार्ग पर स्थित इस पुलिया की हालत लंबे समय से खराब है। पुलिया के बीच बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं और कई स्थानों पर आर-पार छेद बन गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि भारी वाहनों के लगातार आवागमन से पुलिया और कमजोर होती जा रही है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
प्रमुख संपर्क मार्ग होने के बावजूद उपेक्षा
यह सड़क क्षेत्र की महत्वपूर्ण जीवनरेखा मानी जाती है। इसी मार्ग से टाटानगर, किरीबुरू, बड़बिल और जोड़ा के लिए बसों का संचालन होता है, वहीं लौह अयस्क ढोने वाले भारी मालवाहक वाहन भी प्रतिदिन गुजरते हैं। इसके बावजूद पुलिया की मरम्मत के लिए अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
आंदोलन के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि पुलिया की मरम्मत और पुनर्निर्माण की मांग को लेकर कई बार आंदोलन और विरोध-प्रदर्शन किए गए। सड़क जाम की चेतावनी भी दी गई, लेकिन प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों ने कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया।
महिलाओं ने दिया जनभागीदारी का संदेश
प्रशासनिक उदासीनता से नाराज महिलाओं ने श्रमदान कर सड़क को अस्थायी रूप से समतल बनाया और यह संदेश दिया कि जनहित के कार्यों में समाज स्वयं भी आगे आ सकता है। स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों ने राज्य सरकार तथा संबंधित अधिकारियों से पुलिया की तत्काल मरम्मत की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो जनसुरक्षा के मद्देनजर बड़ाजामदा-नोवामुंडी मुख्य सड़क को अनिश्चितकाल के लिए जाम कर व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।
