गरीब विधवा आदिवासी महिला विराजो के जमीन पर बलपूर्वक कब्जा कर बनाया गया रेस्टोरेंट

गरीब विधवा आदिवासी महिला विराजो के जमीन पर बलपूर्वक कब्जा कर बनाया गया रेस्टोरेंट

Johar News Times
2 Min Read

न्यायालय के आदेश को ठेंगा दिखा रहे अंचलाधिकारी

बेबस विधवा आदिवासी न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर

भदानीनगर।
न्यायालय से जीत मिलने के बावजूद प्रशासन की सुस्ती एक गरीब विधवा आदिवासी महिला के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। भदानीनगर के मतकमा निवासी स्व कमल मुण्डा की पत्नी विराजो देवी ने रामगढ़ उपायुक्त को पत्र सौंपकर पतरातू अंचलाधिकारी की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि अंचलाधिकारी द्वारा माननीय न्यायालय के आदेश की अवहेलना करते हुए उन्हें जमीन पर कब्जा (दखल-दिहानी) नहीं दिलाया जा रहा है। ​

पीड़िता के अनुसार, खाता संख्या 03, प्लॉट 39 की 0.70 एकड़ खतियानी जमीन पर चिकोर निवासी यमुना प्रसाद महतो के पुत्र राज कुशवाहा ने अवैध कब्जा कर रखा है।

विराजो देवी ने भूमि सुधार उपसमाहर्ता रामगढ़ के न्यायालय में वाद संख्या 07/2021-22 दाखिल किया था, जिसका फैसला वर्ष 2025 में उनके पक्ष में आया। कोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिया था कि निर्धारित समय सीमा के भीतर पीड़िता को जमीन वापस दिलाई जाए। ​

आरोप है कि मुकदमा चलने के दौरान ही राज कुशवाहा ने स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत से जमीन पर ‘राजनन्दनी रेस्टोरेंट एंड मैरेज हॉल’ का निर्माण कर लिया। इसी रेस्टोरेंट में 29 अप्रैल 2026 को सगाई समारोह के दौरान एक दीवार गिरने से कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था।

​विराजो देवी ने कहा कि उन्होंने 2 दिसंबर 2025 को ही न्यायालय के आदेश की कॉपी अंचल कार्यालय में जमा कर दी थी, लेकिन बार-बार चक्कर लगाने के बावजूद सीओ पतरातू कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। पत्र प्रेषित कर उपायुक्त से गुहार लगाई है कि एक गरीब आदिवासी महिला को उसकी पैतृक जमीन वापस दिलाने के लिए न्यायसंगत कार्रवाई की जाए।

Share This Article