देश के कई हिस्सों में पारा रिकॉर्ड तोड़ रहा है। बढ़ती गर्मी और भीषण हीटवेव (Heatwave) अब सीधे लोगों के अंगों पर हमला कर रही है। दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों के अस्पतालों में ऐसे मरीजों की तादाद तेजी से बढ़ी है, जो तेज धूप और डिहाइड्रेशन की वजह से गंभीर न्यूरोलॉजिकल और किडनी की समस्याओं से जूझ रहे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, अत्यधिक गर्मी के कारण शरीर का नेचुरल टेम्परेचर कंट्रोल सिस्टम फेल हो जाता है, जो जानलेवा साबित हो सकता है।
शुरुआती ‘हीट एग्जॉशन’ कब बन जाता है ‘हीट स्ट्रोक’?
मेदांता अस्पताल (गुरुग्राम) में इंटरनल मेडिसिन विभाग की वाइस चेयरमैन डॉ. सुशीला कटारिया के अनुसार, हमारे शरीर की तापमान नियंत्रित करने की एक सीमा होती है। जब गर्मी हद से ज्यादा बढ़ जाए, तो शरीर में पानी और नमक की भारी कमी होने लगती है।
- शुरुआती लक्षण (Heat Exhaustion): सिरदर्द, मांसपेशियों में ऐंठन (Cramps), मतली (उल्टी जैसा लगना) और कमजोरी।
- गंभीर स्थिति (Heat Stroke): अगर शुरुआती लक्षणों पर ध्यान न दिया जाए, तो यह हीट स्ट्रोक में बदल जाता है, जिससे सीधे ब्रेन (दिमाग) और किडनी पर गहरा असर पड़ता है।
इन 6 गंभीर लक्षणों को कतई न करें इग्नोर (Medical Emergency)
अगर आपको या आपके आसपास किसी को ये लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:
- न्यूरोलॉजिकल बदलाव: लगातार भ्रम (Confusion) होना, बोलने में दिक्कत आना या जुबान लड़खड़ाना।
- बेहोशी या दौरे: अत्यधिक सुस्ती, अचानक बेहोश होना या मिर्गी जैसे दौरे पड़ना।
- आंखों में दिक्कत: तेज धूप के कारण आंखों में लगातार जलन, सूखापन या इंफेक्शन होना।
- पेट की खराबी: लगातार चक्कर आना, तेज थकान और बार-बार उल्टी होना।
- दिल की धड़कन: शरीर का तापमान बहुत ज्यादा बढ़ जाना और धड़कन (Heart Rate) का अचानक तेज होना।
- क्रोनिक मरीज: फेफड़े, दिल और किडनी की बीमारी से पहले से जूझ रहे लोगों के लिए यह मौसम सबसे ज्यादा संवेदनशील है।
एक्सपर्ट एडवाइज: धूप और लू से बचने के अचूक उपाय
- पीक ऑवर्स में नो एग्जिट: सुबह 10 बजे से लेकर शाम 5 बजे के बीच जब तक बहुत जरूरी न हो, घर से बाहर निकलने से बचें।
- क्या पीएं और क्या नहीं: शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए सादा पानी, नारियल पानी और ORS (ओआरएस) का घोल सबसे बेस्ट हैं। चाय और कॉफी पीने से बचें, क्योंकि ये शरीर में पानी की कमी (Dehydration) को और बढ़ाते हैं।
- आउटफिट का रखें ध्यान: बाहर निकलते समय हमेशा ढीले, सूती (Cotton) और हल्के रंग के कपड़े ही पहनें।
