पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला सिलीगुड़ी स्थित साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, एक अधिवक्ता की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
शिकायत अधिवक्ता रिंकी चट्टोपाध्याय सिंह द्वारा 20 मई 2026 को दर्ज कराई गई थी। आरोप है कि शुरुआत में पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने से इनकार किया था, लेकिन लगातार कानूनी प्रक्रिया और फॉलोअप के बाद मामला दर्ज किया गया।
शिकायत में दावा किया गया है कि ममता बनर्जी के दो सार्वजनिक बयानों से सनातन हिंदू समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। इनमें से एक बयान 2025 में एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान दिया गया बताया गया है, जबकि दूसरा बयान धर्मतला में आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के दौरान सामने आया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इन बयानों से देश-विदेश में रहने वाले कई लोगों की आस्था प्रभावित हुई है। एफआईआर में यह भी उल्लेख किया गया है कि एक बयान में कथित तौर पर कहा गया था कि यदि एक विशेष समुदाय चाहे तो वह दूसरे समुदाय को ‘पांच मिनट में खत्म’ कर सकता है। शिकायत में इसे भड़काऊ और सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करने वाला बयान बताया गया है।
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराएं- 351, 352, 353, 354, 356 और 299 लगाते हुए केस दर्ज किया है। इनमें आपराधिक धमकी, धार्मिक भावनाएं आहत करने और शांति भंग करने जैसे आरोप शामिल हैं। सिलीगुड़ी पुलिस कमिश्नरेट के अनुसार, मामले की जांच शुरू कर दी गई है और वीडियो फुटेज सहित सभी संबंधित साक्ष्यों की जांच की जा रही है। फिलहाल इस पर तृणमूल कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। मामला सामने आने के बाद राज्य की राजनीति में नई हलचल देखी जा रही है।
