रांची: मदरसा छात्रों ने भरी हुंकार, आलिम-फाजिल डिग्री को वैधानिक मान्यता देने की मांग तेज

Ranchi: Madrasa students raise voice, demand for legal recognition of Alim-Fazil degrees intensifies

Johar News Times
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रांची (मुख्य संवाददाता): राजधानी रांची में ऑल झारखंड मदरसा स्टूडेंट्स यूनियन (AJMSU) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राज्य के मदरसा छात्रों के भविष्य और उनकी शैक्षणिक डिग्रियों की मान्यता को लेकर गंभीर चर्चा हुई। छात्रों ने सुर में सुर मिलाते हुए सरकार से आलिम और फाजिल की डिग्रियों को अन्य स्नातक और स्नातकोत्तर डिग्रियों के समकक्ष वैधानिक दर्जा देने की मांग की है।

बिहार की तर्ज पर झारखंड में भी मिले मान्यता

यूनियन के अध्यक्ष एस. अली (S. Ali) ने बैठक को संबोधित करते हुए पड़ोसी राज्य का उदाहरण दिया।

  • असमानता का मुद्दा: उन्होंने कहा कि बिहार में आलिम और फाजिल की डिग्रियों को पहले से ही वैधानिक मान्यता प्राप्त है, लेकिन झारखंड में अब तक इसे लागू नहीं किया गया है।
  • भविष्य पर संकट: मान्यता के अभाव में झारखंड के हजारों मदरसा छात्र उच्च शिक्षा प्राप्त करने और सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन करने में पिछड़ रहे हैं।

रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं में बाधा

बैठक में शामिल विद्यार्थियों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि डिग्री को उचित पहचान न मिलने से उनके पास करियर के विकल्प सीमित हो जाते हैं।

  1. समान अवसर की मांग: छात्रों का तर्क है कि यदि उनकी पढ़ाई को वैधानिक दर्जा मिलता है, तो वे भी यूपीएससी (UPSC), जेपीएससी (JPSC) और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में बराबरी से शामिल हो सकेंगे।
  2. रोजगार के अवसर: निजी और सरकारी क्षेत्रों में नौकरी के लिए आलिम-फाजिल की डिग्री को स्नातक (Graduation) के बराबर माना जाना अनिवार्य है।

आंदोलन की चेतावनी: “आर-पार की होगी लड़ाई”

यूनियन ने स्पष्ट किया है कि यह बैठक केवल चर्चा तक सीमित नहीं रहेगी।

  • रणनीति तैयार: यदि राज्य सरकार जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाती है, तो यूनियन पूरे राज्य में चरणबद्ध तरीके से बड़े आंदोलन की शुरुआत करेगी।
  • अधिकारों की बात: छात्रों का कहना है कि यह उनके संवैधानिक और शैक्षणिक अधिकारों की बात है और वे अपने भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेंगे।

निष्कर्ष: मदरसा छात्रों की यह मांग झारखंड की शिक्षा प्रणाली में एक बड़े सुधार की ओर इशारा करती है। अब गेंद सरकार के पाले में है कि वह इन छात्रों को मुख्यधारा की शिक्षा और रोजगार से जोड़ने के लिए कितनी जल्दी फैसला लेती है।


स्थान: रांची (झारखंड) आयोजक: ऑल झारखंड मदरसा स्टूडेंट्स यूनियन (AJMSU)

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