झारखंड के हजारीबाग जिले से एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आ रही है। दारू थाना क्षेत्र स्थित मेढ़कुरी सिवाने पुल अब आम राहगीरों के लिए ‘मौत का कुआं’ साबित हो रहा है। मंगलवार को इस पुल पर एक और बड़ा हादसा हो गया, जहां साइकिल चला रहे दो मासूम बच्चे अनियंत्रित होकर सीधे पुल से नीचे जा गिरे। इस घटना में दोनों बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिसके बाद से स्थानीय ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है।
साइकिल सहित नीचे गिरे मासूम, सिर पर आई गंभीर चोटें
मिली जानकारी के अनुसार, घायल बच्चों की पहचान मेढ़कुरी निवासी मोहम्मद सोहेल (पिता: समीम मियां) और लड्डू (पिता: भीम साव) के रूप में हुई है। दोनों बच्चे पुल पार कर रहे थे, तभी अचानक संतुलन बिगड़ने से यह हादसा हुआ।
- घटना के वक्त मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय ग्रामीणों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत राहत कार्य शुरू किया और बच्चों को खाई से बाहर निकाला।
- दोनों बच्चों के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। ग्रामीणों ने उन्हें आनन-फानन में झुमरा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए हजारीबाग सदर अस्पताल रेफर कर दिया है।
11 दिन और 11 हादसे: खौफनाक हैं आंकड़े
“प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है क्या? पिछले 11 दिनों के भीतर इस पुल पर यह 11वां हादसा है। हर दिन यहाँ लोग लहूलुहान हो रहे हैं, लेकिन अधिकारी कुंभकर्णी नींद सोए हैं।” — आक्रोशित ग्रामीण
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पुल पूरी तरह से असुरक्षित हो चुका है। यहाँ न तो कोई सुरक्षा रेलिंग (बैरीकेडिंग) है और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया है। रात के अंधेरे में तो यहाँ से गुजरना जान जोखिम में डालने जैसा है।
ग्रामीणों की चेतावनी: जल्द कदम नहीं उठाए तो होगा उग्र आंदोलन
इस ताजा हादसे के बाद मेढ़कुरी और आसपास के ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि:
- पुल के दोनों ओर तुरंत मजबूत सुरक्षा रेलिंग लगाई जाए।
- पुल के एप्रोच रोड पर स्पीड ब्रेकर और रिफ्लेक्टर इंस्टॉल किए जाएं।
ग्रामीणों ने साफ लफ्जों में चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रशासन ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो स्थानीय लोग सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
