झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ और ग्रामीण विकास विभाग के बीच आखिरकार लंबी खींचतान के बाद सम्मानजनक सहमति बन गई है। इसके साथ ही पिछले 103 दिनों से राज्य भर में जारी मनरेगा कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल पूरी तरह समाप्त हो गई है।
शनिवार (20 जून) को पांकी प्रखंड के सभी मनरेगा कर्मियों ने संघ के प्रखंड अध्यक्ष राकेश रजक के नेतृत्व में प्रखंड कार्यालय पहुंचकर प्रखंड विकास पदाधिकारी सह अंचल अधिकारी राजीव कुमार के समक्ष विधिवत रूप से अपना योगदान दिया।
सभी मांगों पर सरकार के साथ बनी सहमति
योगदान देने पहुंचे मनरेगा कर्मियों ने बताया कि ग्रामीण विकास विभाग, झारखंड सरकार और झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ के शीर्ष पदाधिकारियों के बीच कई दौर की वार्ता हुई। इस उच्च स्तरीय बैठक में कर्मचारियों की जायज और लंबे समय से लंबित मांगों पर सरकार ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए सहमति दे दी है। संघ के केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर ही राज्य के सभी जिलों और प्रखंडों में शनिवार से काम दोबारा शुरू कर दिया गया है।
विकास कार्यों को मिलेगी गति, दफ्तरों में लौटी रौनक
पिछले 3 महीने से भी अधिक समय (103 दिन) से जारी इस हड़ताल के कारण ग्रामीण इलाकों में मनरेगा के तहत होने वाले कूप निर्माण, डोभा, आवास योजना और रोजगार से जुड़े तमाम विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े थे। कर्मियों के वापस काम पर लौटने से अब इन योजनाओं को दोबारा गति मिल सकेगी।
इस महत्वपूर्ण मौके पर मुख्य रूप से रोजगार सेवक प्रकाश वर्धन, अनिल गुप्ता, ज्ञानचंद राम, संतु राम, अशोक राम, सतेंद्र कुमार सहित प्रखंड के कई अन्य मनरेगा कर्मी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
