आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए पश्चिमी सिंहभूम जिला पुलिस-प्रशासन ने कमर कस ली है। इसी कड़ी में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बहामन टूटी के नेतृत्व में पुलिस की टीम ने मोहर्रम जुलूस के तय रूटों और संवेदनशील इलाकों का जमीनी निरीक्षण किया।
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि त्योहार के दौरान हुड़दंग या अफवाह फैलाने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा और सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
संवेदनशील इलाके चिन्हित, तैनात होगा अतिरिक्त पुलिस बल
फ्लैग मार्च और निरीक्षण के दौरान पुलिस अधिकारियों ने जुलूस मार्गों की जमीनी हकीकत, ट्रैफिक व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण के उपाय और बैरिकेडिंग के इंतजामों का बारीकी से जायजा लिया। SDPO बहामन टूटी ने रूट में पड़ने वाले संभावित संवेदनशील स्थलों को चिन्हित कर वहाँ अतिरिक्त पुलिस बल और मजिस्ट्रेट की तैनाती के निर्देश दिए हैं।
ड्रोन कैमरों से छतों पर नजर, संदिग्धों की खैर नहीं
सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए पुलिस ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया है। निरीक्षण के दौरान ही ड्रोन कैमरे उड़ाकर भवनों की छतों और गलियों की जांच की गई, ताकि कहीं भी पत्थर या आपत्तिजनक सामान जमा न किया जा सके। अधिकारियों ने बताया कि मोहर्रम पर्व के दौरान भी चाईबासा के चप्पे-चप्पे पर ड्रोन कैमरों से तीसरी आंख की पैनी नजर रखी जाएगी।
SDPO ने की भाईचारे की अपील
“मोहर्रम को शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराना हमारी पहली प्राथमिकता है। इसके लिए सभी थानों को अलर्ट मोड पर रखा गया है और सुरक्षा का ब्लूप्रिंट तैयार है। हम आम जनता से भी अपील करते हैं कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और आपसी भाईचारे के साथ त्योहार मनाएं।” — बहामन टूटी, SDPO चाईबासा
इस महत्वपूर्ण निरीक्षण अभियान में मुख्य रूप से सदर थाना प्रभारी हीरालाल महतो, भारी संख्या में पुलिस बल के जवान और नगर परिषद के सफाई व तकनीकी कर्मी उपस्थित रहे।
