रांची: झारखंड राज्यसभा चुनाव में करारी शिकस्त मिलने के बाद आखिरकार कांग्रेस ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। शनिवार को कांग्रेस के सभी विधायकों और मंत्रियों ने एक साथ साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने दोटूक शब्दों में कहा कि राज्यसभा चुनाव का यह परिणाम केवल कांग्रेस की निजी हार नहीं है, बल्कि यह पूरे महागठबंधन की सामूहिक हार है।
इसके साथ ही उन्होंने गठबंधन में किसी भी तरह की दरार या कलह की अटकलों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि महागठबंधन की एकजुटता पहले की तरह ही मजबूत है।
“हर विष पीकर भी हम झामुमो और राजद के साथ खड़े हैं”
प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस कोटे के एक कद्दावर मंत्री ने बेहद भावुक और कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, “पार्टी ने हमेशा गठबंधन धर्म की मर्यादा को निभाया है और आगे भी निभाती रहेगी। हर विष पीकर भी हम झामुमो और राजद के साथ मजबूती से खड़े हैं।”
मंत्री ने साफ किया कि कांग्रेस के लिए सत्ता या मलाईदार पद से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण गठबंधन की मजबूती और झारखंड का विकास है।
हार के कारणों की होगी गहन समीक्षा
कांग्रेस आलाकमान और प्रदेश नेतृत्व ने कहा कि इस चुनावी नतीजे को हल्के में नहीं लिया जाएगा। पार्टी के अंदर उन सभी पहलुओं और कारणों की गंभीरता से समीक्षा (रिव्यू) की जाएगी, जिनकी वजह से राज्यसभा चुनाव में ऐसी विपरीत स्थिति पैदा हुई। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि इस परिणाम का असर राज्य की मौजूदा सरकार की स्थिरता पर बिल्कुल नहीं पड़ेगा।
विपक्ष पर भ्रम फैलाने का आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद कांग्रेस के सभी विधायकों और मंत्रियों ने एक सुर में कहा कि भारतीय जनता पार्टी और विपक्ष इस चुनावी नतीजे का फायदा उठाकर जनता के बीच भ्रम फैलाने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि महागठबंधन पूरी तरह से एकजुट, मजबूत और स्थिर है और आगे भी जनता के मुद्दों पर मिलकर काम करता रहेगा।
