टाटा स्टील कर्मचारियों का 1 जनवरी 2025 से लंबित चल रहा बहुप्रतीक्षित ग्रेड रिवीजन अभी तक अंतिम रूप नहीं ले सका है। मिनिमम गारंटीड बेनिफिट और महंगाई भत्ते के पॉइंट को लेकर कंपनी प्रबंधन और टाटा वर्कर्स यूनियन के बीच जिच बरकरार है। हालांकि, कूटनीतिक गलियारों से छनकर आ रही खबरों के मुताबिक, 22 से 25 जून के बीच इस ऐतिहासिक समझौते पर मुहर लगने की प्रबल संभावना है।
दो दौर की लंबी मैराथन वार्ता रही बेनतीजा
मंगलवार को कंपनी प्रबंधन और यूनियन नेतृत्व के बीच दो अलग-अलग दौर की लंबी और गंभीर वार्ता हुई, लेकिन कई अहम मुद्दों पर मतभेद बने रहने के कारण कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका।
- सूत्रों के अनुसार, यूनियन कर्मचारियों के हित में 7.5 प्रतिशत MGB और नए कर्मचारियों के DA पॉइंट में बढ़ोतरी की मांग पर अड़ी है, जबकि प्रबंधन फिलहाल इस पर पूरी तरह सहमत नहीं दिख रहा है। इसी रस्साकशी के कारण बातचीत आगे नहीं बढ़ पा रही है।
यूनियन कार्यालय में स्वागत की तैयारियां शुरू
भले ही वार्ता बेनतीजा रही हो, लेकिन यूनियन अध्यक्ष समर्थक इस समझौते को लेकर बेहद आशावादी नजर आ रहे हैं। समर्थकों का अटूट विश्वास है कि मौजूदा यूनियन नेतृत्व हर हाल में कर्मचारियों के लिए एक बेहतर और सम्मानजनक वेतन समझौता सुनिश्चित कराने में सफल रहेगा।
इसी भरोसे और भारी उत्साह के चलते बिष्टुपुर स्थित यूनियन कार्यालय में संभावित समझौते के बाद के जश्न और स्वागत की तैयारियां भी पर्दे के पीछे शुरू हो चुकी हैं।
सिंह बाजा, फूल-माला और पटाखों की प्लानिंग
सूत्रों के मुताबिक, जैसे ही समझौते पर आधिकारिक हस्ताक्षर होंगे, वैसे ही यूनियन अध्यक्ष के भव्य स्वागत के लिए सिंह बाजा (पारंपरिक बाजा), ढोल-नगाड़े, फूल-मालाएं और आतिशबाजी (पटाखों) की व्यापक व्यवस्था की योजना बनाई गई है।
दूसरी ओर, लौहनगरी की मजदूर राजनीति से जुड़े जानकारों की नजर इस बात पर टिकी है कि इन लंबित और पेचीदा मुद्दों पर प्रबंधन और यूनियन के बीच अंतिम सहमति का फॉर्मूला क्या निकलता है, और यह समझौता कर्मचारियों की उम्मीदों पर कितना खरा उतरता है।
