चक्रधरपुर: बुजुर्ग मकान मालिक को वर्षों बाद वापस मिला अपना घर, कोर्ट के आदेश पर मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में खाली हुआ मकान

कानून ने दिलाया हक: चक्रधरपुर में किरायेदार से खाली कराया गया मकान, जमशेदपुर के बुजुर्ग मकान मालिक को मिला अपनी संपत्ति का अधिकार।

Johar News Times
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चक्रधरपुर में लंबे समय से चल रहे एक मकान विवाद का आखिरकार पटाक्षेप हो गया है। पोड़ाहाट अनुमंडल पदाधिकारी-सह-मकान किराया नियंत्रक न्यायालय के आदेश के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मंगलवार को एक बुजुर्ग मकान मालिक को उनके घर का विधिवत कब्जा वापस दिला दिया है। यह कार्रवाई चक्रधरपुर के वार्ड संख्या 10 (पुराना) में मजिस्ट्रेट और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में संपन्न हुई।

वरिष्ठ नागरिक होने और निजी जरूरत के आधार पर आया फैसला

मकान मालिक मुजफ्फर आलम अंसारी ने चक्रधरपुर स्थित अपने इस मकान को पूर्व में जुलेखा खातून को किराये पर दिया था। काफी समय से यह मामला अनुमंडल पदाधिकारी-सह-मकान किराया नियंत्रक न्यायालय में चल रहा था।

मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने झारखंड भवन अधिनियम, 2011 की धारा 25(1)(c) के तहत फैसला सुनाया। कोर्ट ने वादी (मकान मालिक) की व्यक्तिगत आवश्यकता और उनके ‘वरिष्ठ नागरिक’ होने के अधिकार को सर्वोपरि मानते हुए किरायेदार को मकान खाली करने का सख्त आदेश दिया था।

प्रशासनिक निगरानी में खाली कराया गया मकान

न्यायालय के आदेश का अनुपालन कराने के लिए मंगलवार को प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक निगरानी में बिना किसी हंगामे के मकान को खाली कराया गया। इसके बाद मकान का ताला और कब्जा आधिकारिक रूप से मुजफ्फर आलम अंसारी को सौंप दिया गया।

मकान मालिक मुजफ्फर आलम अंसारी ने खुशी जाहिर करते हुए कहा— “सालों के इंतजार के बाद आज मुझे कानून की मदद से अपना मकान वापस मिल गया है। प्रशासन की मौजूदगी में शांतिपूर्ण तरीके से कब्जा मिल जाने से मैं और मेरा परिवार बेहद राहत महसूस कर रहे हैं।”

प्रशासनिक अधिकारियों ने पुष्टि की कि पूरी बेदखली और कब्जा हस्तांतरण की प्रक्रिया न्यायालय के आदेश के अनुरूप और पूरी तरह विधि सम्मत तरीके से संपन्न कराई गई है।

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