पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार के कद्दावर नेताओं पर कानूनी शिकंजा कसने का सिलसिला लगातार जारी है। इसी क्रम में आज एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ममता बनर्जी सरकार में मंत्री रह चुके और उत्तर बंगाल के दिग्गज टीएमसी नेता उदयन गुहा को कोलकाता के फूलबागान स्थित उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया गया है।
अस्पताल निर्माण के नाम पर करोड़ों की वसूली का आरोप
पुलिस सूत्रों के अनुसार, कूचबिहार पुलिस ने उदयन गुहा को जबरन वसूली और भारी वित्तीय गबन से जुड़े एक मामले में हिरासत में लिया है।
- उन पर आरोप है कि दिनहाटा उपजिला अस्पताल के बाल चिकित्सा विभाग के निर्माण के नाम पर करोड़ों रुपये जुटाए गए थे, लेकिन तय काम पूरा नहीं किया गया।
- मामले के शिकायतकर्ता रूपम साहा का दावा है कि साल 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद इस प्रोजेक्ट के नाम पर करीब 20 से 25 करोड़ रुपये की उगाही की गई थी, जबकि धरातल पर महज 40 से 50 लाख रुपये का ही काम हुआ।
गिरफ्तारी के बाद मीडिया से बात करते हुए उदयन गुहा ने कहा कि उन्हें फिलहाल स्पष्ट जानकारी नहीं है कि किस विशिष्ट मामले में उनकी गिरफ्तारी हुई है। पुलिस उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर कूचबिहार ले जाने की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है।
हत्या और चुनावी हिंसा समेत 6 मामलों में जांच के घेरे में
कूचबिहार पुलिस के मुताबिक, पूर्व मंत्री के खिलाफ केवल यही एक मामला नहीं है, बल्कि कई पुराने और गंभीर मामलों की फाइलें दोबारा खोली गई हैं। उदयन गुहा फिलहाल निम्नलिखित मामलों में जांच के घेरे में हैं:
- रतन बर्मन हत्याकांड
- पांच शहीदों से जुड़ा पुराना मामला
- साल 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा
- नगरपालिका क्षेत्रों में कथित अवैध वसूली और वित्तीय अनियमितताएं
शुभेंदु अधिकारी के काफिले पर हमले का भी है आरोप
उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पिछले वर्ष उदयन गुहा पर सीधे तौर पर अपने काफिले पर हमला कराने का आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया था कि कूचबिहार के खागड़ाबाड़ी क्षेत्र में उनके निर्देश पर ही भाजपा नेताओं के काफिले को निशाना बनाया गया था। इस मामले को लेकर शुभेंदु अधिकारी ने कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था।
उत्तर बंगाल में TMC का बड़ा चेहरा रहे हैं उदयन गुहा
ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के बाद उदयन गुहा को उत्तर बंगाल में तृणमूल कांग्रेस का सबसे मजबूत और प्रभावशाली चेहरा माना जाता रहा है। राज्य में हुए राजनीतिक उलटफेर के बाद उनके खिलाफ शिकायतों और मुकदमों की बाढ़ आ गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की सघन जांच जारी है और आने वाले दिनों में कुछ और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
