ग्रामीण महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने और “वोकल फॉर लोकल” की अवधारणा को धरातल पर उतारने की दिशा में सरायकेला-खरसावां जिले में एक बड़ा कदम उठाया गया है। राजनगर प्रखंड अंतर्गत कुमडीह गांव में नाबार्ड के लाइवलीहुड एंड एंटरप्राइज डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत दो आधुनिक पेपर प्लेट निर्माण मशीनों का विधिवत उद्घाटन किया गया।
यह पूरी तरह से 100 प्रतिशत अनुदान आधारित परियोजना है, जिसका संचालन ‘झारखंड ट्राइबल डेवलपमेंट सोसाइटी’ , डीपीएमयू सरायकेला-खरसावाँ द्वारा किया जा रहा है।
150 महिलाओं के लिए स्वरोजगार के खुले नए द्वार
इस परियोजना के तहत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को पहले आवासीय प्रशिक्षण दिया गया है। अब इन स्थापित मशीनों के माध्यम से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में इको-फ्रेंडली पेपर प्लेट और दोना का उत्पादन किया जाएगा। इससे क्षेत्र की लगभग 150 ग्रामीण महिलाओं को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर प्राप्त होंगे। इसके साथ ही, महिलाओं के लिए शीघ्र ही एक और 10 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा।
उद्घाटन समारोह में पहुंचे कई गणमान्य
भव्य उद्घाटन समारोह में झारखंड ट्राइबल डेवलपमेंट सोसाइटी के राज्य परियोजना निदेशक विजय सिंह बिरूवा, नाबार्ड की जिला विकास प्रबंधक श्रीमती चंदना मिश्रा, जेटीडीएस के डीपीएम नीरज नयन समेत पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि और स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं बड़ी संख्या में उपस्थित थीं।
ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना मुख्य लक्ष्य
- राज्य परियोजना निदेशक विजय सिंह बिरूवा ने कहा— “ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में इस प्रकार के छोटे और मध्यम कुटीर उद्योग मील का पत्थर साबित होते हैं।”
- नाबार्ड की डीडीएम श्रीमती चंदना मिश्रा ने कहा— “मशीनें लगाने के साथ-साथ महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण उत्पादन, बेहतर पैकेजिंग, उद्यम प्रबंधन और बाजार की मांग के अनुरूप उत्पाद तैयार करने पर विशेष ध्यान देना चाहिए।”
पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी इस सराहनीय पहल का स्वागत किया और उत्पादित सामग्री को स्थानीय स्तर पर बाजार उपलब्ध कराने और उद्यम संवर्धन में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया।
