जादूगोड़ा: पोटका प्रखंड की ग्वालकाटा पंचायत के किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। क्षेत्र में सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई डीप बोरिंग की व्यवस्था करने की मांग को लेकर पंचायत समिति सदस्य सीताराम हांसदा ने पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त से मुलाकात की और उन्हें एक मांग पत्र सौंपा।
90 प्रतिशत किसान आज भी बारिश के भरोसे
उपायुक्त को सौंपे गए ज्ञापन में क्षेत्र की बदहाल सिंचाई व्यवस्था का जिक्र किया गया है। सीताराम हांसदा ने बताया कि ग्वालकाटा पंचायत के अधिकांश परिवारों की आजीविका पूरी तरह से खेती-बारी पर टिकी हुई है। इसके बावजूद, सिंचाई के समुचित साधन न होने के कारण यहाँ के लगभग 90 प्रतिशत किसान आज भी पूरी तरह से मानसून पर निर्भर हैं। पानी के अभाव में किसानों को उनकी मेहनत का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।
सोलर बोरिंग से चमकेगी किसानों की किस्मत
पंचायत समिति सदस्य ने जिला प्रशासन के समक्ष तर्क दिया कि इस क्षेत्र की मिट्टी बेहद उपजाऊ है। यदि सरकार और प्रशासन की ओर से यहाँ सौर ऊर्जा आधारित डीप बोरिंग की सुविधा दे दी जाए, तो सिंचाई का संकट हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा। इससे किसान:
- वर्ष में तीन फसलें आसानी से उगा सकेंगे।
- कृषि उत्पादन में भारी बढ़ोतरी होगी।
- खेतों में सालभर हरियाली रहेगी और पलायन रुकेगा।
- स्थानीय किसानों की आय में रिकॉर्ड वृद्धि होगी।
प्रशासन के फैसले पर टिकी ग्रामीणों की उम्मीदें
सीताराम हांसदा ने जिला प्रशासन से किसानों के व्यापक हित को देखते हुए इस योजना को जल्द से जल्द धरातल पर उतारने की मांग की है। ज्ञापन सौंपे जाने के बाद अब ग्वालकाटा पंचायत के तमाम ग्रामीणों और किसानों की नजरें उपायुक्त के निर्णय पर टिक गई हैं। ग्रामीणों को पूरी उम्मीद है कि जिला प्रशासन उनकी इस वाजिब मांग पर त्वरित और सकारात्मक कदम उठाएगा।
