कच्चे तेल में बड़ी गिरावट, पेट्रोल-डीजल और एलपीजी सस्ता होने की उम्मीद बढ़ी

कच्चे तेल में बड़ी गिरावट, पेट्रोल-डीजल और एलपीजी सस्ता होने की उम्मीद बढ़ी

Johar News Times
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नई दिल्ली: वैश्विक ऊर्जा बाजार से राहत भरी खबर सामने आई है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने तथा होर्मुज जलडमरूमध्य के दोबारा खुलने की दिशा में प्रगति के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई है। इसका असर आने वाले समय में भारत में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों पर भी पड़ सकता है।

4-5 प्रतिशत तक टूटी तेल की कीमतें
सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड करीब 4 प्रतिशत गिरकर 84 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड लगभग 5 प्रतिशत टूटकर 81 डॉलर प्रति बैरल के करीब आ गया। विशेषज्ञों के अनुसार, तेल आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता कम होने से बाजार में सकारात्मक माहौल बना है।

अमेरिका-ईरान समझौते से मिली राहत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर सहमति बन गई है। इसके तहत होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री यातायात सामान्य करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। दोनों देशों के बीच औपचारिक हस्ताक्षर 19 जून को स्विट्जरलैंड में होने की संभावना है। हालांकि समझौते के कुछ पहलुओं पर अभी अंतिम स्पष्टता आना बाकी है।

क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में शामिल है। वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। पिछले कुछ महीनों में यहां बढ़े तनाव के कारण तेल कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया था। विशेषज्ञों ने आशंका जताई थी कि मार्ग बाधित रहने पर तेल 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जा सकता है।

भारत को मिल सकती है राहत
भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें घटने से आयात लागत कम हो सकती है। यदि यह गिरावट जारी रहती है, तो तेल विपणन कंपनियों पर दबाव कम होगा और भविष्य में पेट्रोल, डीजल तथा एलपीजी की कीमतों में राहत मिलने की संभावना बढ़ सकती है। हालांकि घरेलू कीमतें कर व्यवस्था, डॉलर-रुपया विनिमय दर और सरकारी नीतियों पर भी निर्भर करेंगी।

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