उपायुक्त राजीव रंजन का कड़ा निर्देश, जून अंत तक पूरी करें आंगनबाड़ी नियुक्तियां, लापरवाही पर 3 CDPO का वेतन रोका

"डीसी राजीव रंजन का एक्शन मोड: लापरवाही पर अधिकारियों पर गिरी गाज, जून-जुलाई तक आंगनबाड़ी केंद्रों की सूरत बदलने का अल्टीमेटम।"

Johar News Times
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जिला समाहरणालय सभागार में शनिवार को उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में समाज कल्याण विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान उपायुक्त ने आंगनबाड़ी सेवाओं, पोषण कार्यक्रमों, पीएम मातृ वंदना योजना और आधारभूत सुविधाओं की प्रगति की कड़ी समीक्षा की। काम में लापरवाही और ढुलमुल रवैया अपनाने वाले अधिकारियों के खिलाफ उपायुक्त ने कड़ा रुख अपनाते हुए कई कड़े निर्देश जारी किए।

1. जून के अंत तक बहाल होंगी 42 सेविका और 55 सहायिकाएं

जिले में बाल विकास सेवाओं को मजबूत करने के लिए उपायुक्त ने रिक्त पड़े 42 आंगनबाड़ी सेविका और 55 सहायिका पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया को तेज करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि संबंधित क्षेत्रों में आमसभा आयोजित कर जून माह के अंतिम सप्ताह तक हर हाल में नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। इसके साथ ही उन्होंने नवनियुक्त महिला पर्यवेक्षिकाओं को सभी केंद्रों का नियमित निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया।

2. जुलाई तक पूरे होंगे 17 नए आंगनबाड़ी केंद्र, जून में नाल-जल योजना

आधारभूत संरचना की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने सभी कार्यकारी एजेंसियों को स्पष्ट हिदायत दी कि निर्माणाधीन 17 आंगनबाड़ी केंद्रों का काम जुलाई माह के भीतर पूरा हो जाना चाहिए। वहीं, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता को जून महीने के भीतर ही सभी केंद्रों में शौचालय निर्माण और नल-जल योजना का काम पूरा करने का टास्क दिया गया है।

3. खराब प्रदर्शन पर धालभूमगढ़, बहरागोड़ा और पटमदा की CDPO का वेतन स्थगित

बैठक में तकनीकी और डिजिटल मॉनिटरिंग की समीक्षा के दौरान फेशियल रिकग्निशन सिस्टम में धालभूमगढ़, बहरागोड़ा एवं पटमदा प्रखंड का प्रदर्शन बेहद खराब पाया गया। इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए उपायुक्त ने इन तीनों प्रखंडों के सीडीपीओ का वेतन तत्काल प्रभाव से स्थगित का निर्देश दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगले 15 दिनों के भीतर शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त नहीं हुआ, तो आगे और बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

“कुपोषित बच्चों की पहचान और कुपोषण उपचार केंद्रों में उनके इलाज को लेकर किसी भी स्तर पर शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी केंद्रों का प्रतिदिन 100% संचालन होना चाहिए।”राजीव रंजन, उपायुक्त

4. पीएम मातृ वंदना योजना की पेंडेंसी होगी खत्म

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की समीक्षा के दौरान कई प्रखंडों की कम उपलब्धि पर डीसी ने असंतोष जताया। उन्होंने सभी सीडीपीओ और महिला पर्यवेक्षिकाओं को निर्देश दिया कि वे विशेष अभियान चलाकर लंबित मामलों को तुरंत समाप्त करें और सभी पात्र महिलाओं को योजना का लाभ दिलाएं।

बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि पोषण ट्रैकर पर डेटा की प्रविष्टि रोजाना समय पर हो और बिजली विभाग समन्वय बनाकर सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में विद्युत कनेक्शन सुनिश्चित करे। इस उच्च स्तरीय बैठक में उप विकास आयुक्त , जिला कल्याण पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सहित सभी प्रखंडों के बाल विकास परियोजना अधिकारी उपस्थित थे।

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