झारखंड के पांच लोक कलाकारों को मिलेगा राष्ट्रीय सम्मान, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी सम्मानित

संगीत नाटक अकादमी और उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार के लिए चयन, झारखंड की लोक एवं जनजातीय कला को राष्ट्रीय पहचान

Johar News Times
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झारखंड की समृद्ध लोक और जनजातीय सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि मिली है। राज्य के पांच प्रतिष्ठित कलाकारों का चयन प्रतिष्ठित संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार और उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार के लिए किया गया है। इन कलाकारों को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा सम्मानित किया जाएगा।

संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार के लिए रांची जिले के बुंडू की बुटन देवी और सोमबारी देवी का चयन किया गया है। दोनों कलाकारों को झारखंड की पारंपरिक नचनी लोकनृत्य परंपरा के संरक्षण और संवर्धन में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा। वहीं, सरायकेला-खरसावां के सुशांत कुमार महापात्र को विश्व प्रसिद्ध सरायकेला छऊ मुखौटा निर्माण कला को नई पहचान दिलाने और उसे राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने के लिए यह सम्मान प्रदान किया जाएगा।

इसी तरह उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार के लिए बोकारो जिले के चंदनकियारी की बबीता हेंब्रम और सरायकेला-खरसावां के कुना समल का चयन हुआ है। बबीता हेंब्रम को संताली जनजातीय नृत्य की उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिए तथा कुना समल को सरायकेला छऊ कला के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा।

इन पुरस्कारों को झारखंड की लोक एवं जनजातीय संस्कृति के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। कला जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि यह सम्मान न केवल कलाकारों की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर मिली महत्वपूर्ण पहचान भी है।

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