तृणमूल कांग्रेस के बागी नेता रिजु दत्ता ने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर तीखा हमला बोलते हुए राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि “युवराज का अब चक्की पीसने का समय आ गया है” और आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी काउंसलर बनने के भी योग्य नहीं थे, लेकिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उन्हें राजनीति में स्थापित किया।
रिजु दत्ता ने आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी ने लंबे समय से पार्टी के सांसदों, विधायकों और नेताओं का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि संगठन के भीतर कई नेताओं को नजरअंदाज किया गया और उन्हें “गुलाम” की तरह व्यवहार का सामना करना पड़ा। उनके अनुसार, एक व्यक्ति के कारण पूरी पार्टी को नुकसान पहुंचा है।
इसी बीच, कल्याण बनर्जी के बेटे शिरसान्य बंदोपाध्याय ने भी बयान देते हुए कहा कि समस्या यह है कि अभिषेक बनर्जी किसी पर भरोसा नहीं कर पा रहे हैं और पार्टी में एक वैकल्पिक नेतृत्व ढांचा तैयार करने की कोशिश चल रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्होंने विभिन्न न्यायालयों में अभिषेक बनर्जी से जुड़े मामलों में सहयोग करने का प्रयास किया है।
इन बयानों के बाद टीएमसी के भीतर अंदरूनी मतभेद और नेतृत्व को लेकर असंतोष की चर्चा और तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम पार्टी की एकजुटता पर असर डाल सकता है।
