झारखंड सरकार का बड़ा फैसला: नशा तस्करों की सूचना दें, पाएं 2 लाख रुपये तक का इनाम

झारखंड सरकार का बड़ा फैसला: नशा तस्करों की सूचना दें, पाएं 2 लाख रुपये तक का इनाम

Johar News Times
3 Min Read

मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए नई पुरस्कार नीति लागू, मुखबिरों की पहचान रहेगी पूरी तरह गोपनीय,

रांची : झारखंड में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने नई पुरस्कार नीति लागू करते हुए मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध उत्पादन और पेडलिंग की सूचना देने वाले लोगों के लिए आकर्षक इनाम की घोषणा की है। अब सटीक सूचना देकर कार्रवाई कराने वाले मुखबिरों को 2 लाख रुपये तक, जबकि सफल कार्रवाई करने वाले सरकारी अधिकारियों और कर्मियों को 1 लाख रुपये तक का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। सरकार द्वारा जारी संकल्प में कहा गया है कि अफीम, हेरोइन, कोकीन, ब्राउन शुगर, मॉर्फीन, गांजा और कोडीन जैसे प्रतिबंधित मादक पदार्थों का अवैध कारोबार राज्य और देश के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है। इसका सबसे अधिक दुष्प्रभाव युवाओं पर पड़ रहा है, जिससे उनका भविष्य खतरे में पड़ रहा है।

सूचना की गुणवत्ता के आधार पर मिलेगा पुरस्कार

नई नीति के तहत ऐसे मुखबिर पुरस्कार के पात्र होंगे जिनकी सूचना पर मादक पदार्थों की बरामदगी, तस्करी नेटवर्क का खुलासा या बड़ी कार्रवाई संभव हो सके। वहीं एनडीपीएस अधिनियम के तहत कार्रवाई करने वाले पुलिस और अन्य सरकारी एजेंसियों के कर्मियों को भी प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि पुरस्कार की राशि तय करते समय सूचना की गुणवत्ता, कार्रवाई में भूमिका, जोखिम, प्रयास और मामले की गंभीरता को आधार बनाया जाएगा। इसलिए हर मामले में अधिकतम राशि देना अनिवार्य नहीं होगा।

मुखबिरों की पहचान रहेगी सुरक्षित
सरकार ने सूचना देने वालों की सुरक्षा और गोपनीयता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। नीति के अनुसार मुखबिरों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और बिना आवश्यकता उनकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाएगी। हालांकि, जानबूझकर झूठी या भ्रामक सूचना देने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का भी प्रावधान रखा गया है।

राज्य स्तरीय समिति करेगी फैसला
पुरस्कार स्वीकृति के लिए एएनटीएफ प्रमुख की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय पुरस्कार समिति का गठन किया गया है। समिति पात्र मामलों की समीक्षा कर पुरस्कार राशि स्वीकृत करेगी। बड़े मामलों में केंद्रीय पुरस्कार समिति की मंजूरी भी ली जाएगी। सरकार को उम्मीद है कि इस नई नीति से आम लोगों की भागीदारी बढ़ेगी, गुप्त सूचनाएं अधिक मिलेंगी और राज्य में नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

Share This Article