सरकारी दफ्तरों में लेटलतीफी और ढुलमुल कार्यशैली के खिलाफ झुमरीतिलैया नगर परिषद में बुधवार को एक बड़ी और अभूतपूर्व कार्रवाई देखने को मिली। नगर परिषद के अध्यक्ष रमेश हर्षधर ने अनुशासन को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए तय समय के बाद आने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए कार्यालय के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। इसके चलते निर्धारित समय के बाद पहुंचे कई कर्मियों को दफ्तर में एंट्री नहीं मिली और उन्हें बाहर ही खड़े रहना पड़ा।
दो महीने से मिल रही थीं शिकायतें, नहीं सुधरे तो हुआ एक्शन
कार्रवाई के संबंध में जानकारी देते हुए नगर परिषद अध्यक्ष रमेश हर्षधर ने बताया कि पिछले दो महीनों से कर्मचारियों और अधिकारियों के लगातार देर से दफ्तर पहुंचने की शिकायतें मिल रही थीं। इस लापरवाही को लेकर पहले भी कई बार मौखिक और लिखित निर्देश जारी कर सुधरने की चेतावनी दी गई थी, लेकिन कर्मियों की कार्य संस्कृति में कोई बदलाव नहीं आया। आखिरकार मजबूरन यह कड़ा कदम उठाना पड़ा।
अध्यक्ष ने दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा:
“निर्धारित समय के बाद आने वाले किसी भी कर्मचारी को उस दिन कार्यालय में प्रवेश की अनुमति बिल्कुल नहीं दी जाएगी। देर से आने वाले सभी कर्मियों को उस दिन की छुट्टी लेनी होगी। कर्मचारियों की इस लापरवाही का सीधा खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा था, जिन्हें अपने छोटे-छोटे कामों के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता था।”
दफ्तर में हड़कंप, जनता ने किया फैसले का स्वागत
इस औचक और सख्त कार्रवाई के बाद नगर परिषद के कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच हड़कंप मच गया है। वहीं दूसरी ओर, स्थानीय नागरिकों ने अध्यक्ष रमेश हर्षधर के इस कदम की जमकर सराहना की है। लोगों का कहना है कि सरकारी कार्यालयों में समयबद्धता, अनुशासन और जनता के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ऐसी सख्ती बेहद जरूरी है।
