साहिबगंज: 6 जून को समाहरणालय परिसर में सजेगा ‘आम महोत्सव सह बागवानी मेला’, DDC नागेन्द्र पासवान ने की समीक्षा बैठक

बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत उत्पादित आमों को मिलेगा बड़ा बाजार; FPO और अपना मार्ट के जरिए होगी बिक्री, किसानों को मिलेगा उचित मूल्य।

Johar News Times
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जिला समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह बैठक मनरेगा के तहत संचालित ‘बिरसा हरित ग्राम योजना’ के माध्यम से उत्पादित आम फलों के विपणन और आगामी ‘आम महोत्सव सह बागवानी मेला’ के सफल आयोजन को लेकर बुलाई गई थी। बैठक में मुख्य रूप से लाभुक किसानों द्वारा उपजाए गए आमों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और उन्हें उचित मूल्य सुनिश्चित करने की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई।

FPO और अपना मार्ट के जरिए होगी आमों की बिक्री

उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि किसानों द्वारा उत्पादित आमों की बिक्री के लिए किसान उत्पादक संगठनों , कैनोपी , अपना मार्ट तथा अन्य रिटेल आउटलेट्स का सहारा लिया जाए। उन्होंने कहा कि बिचौलियों से बचाकर किसानों को उनकी उपज का सीधा और उचित लाभ दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए सभी संबंधित पदाधिकारी आपसी समन्वय बनाकर विपणन व्यवस्था को और मजबूत करें।

6 जून को लगेगा ‘आम महोत्सव’ का महाकुंभ

समीक्षा बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी 06 जून 2026 को जिला समाहरणालय परिसर में ‘आम महोत्सव सह बागवानी मेला’ का भव्य आयोजन किया जाएगा। डीडीसी ने इस संबंध में कहा:

“यह महोत्सव जिले के आम उत्पादक किसानों, महिला स्वयं सहायता समूहों , एफपीओ और बागवानी क्षेत्र से जुड़े तमाम हितधारकों के लिए एक बेहतरीन मंच साबित होगा। इस मेले के जरिए स्थानीय उत्पादों के प्रदर्शन, ब्रांडिंग और बिक्री को सीधे तौर पर बढ़ावा मिलेगा।”

अधिकारियों को समय पर तैयारियां पूरी करने की हिदायत

इस बड़े आयोजन की सफलता को ध्यान में रखते हुए जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों , जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जेएसएलपीएस के जिला प्रबंधक , मनरेगा के सभी प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारियों समेत सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। डीडीसी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि मेले से जुड़ी तमाम तैयारियां समय सीमा के भीतर पूरी कर ली जाएं ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

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