जमशेदपुर : जिले में लंबे समय से बालू की किल्लत और अवैध खनन की समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। पूर्वी सिंहभूम जिले के दो प्रमुख बालू घाटों को झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण परिषद से ‘कंसेंट टू ऑपरेट’ की हरी झंडी मिल गई है।
इस महत्वपूर्ण मंजूरी के बाद जिला खनन कार्यालय द्वारा विधिवत रूप से परिवहन चालान जारी कर दिया गया है। इस कदम से अब जिले में पूरी तरह से कानूनी और वैध तरीके से बालू का उठाव शुरू हो गया है।
जिला खनन कार्यालय द्वारा जिन प्रमुख बालू घाटों के संचालन और परिवहन की अनुमति निर्गत की गई है, उनका विवरण इस प्रकार है:
- कोरिया मोहनपाल बालू घाट: यह घाट कुल 34.70 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है।
- कोरिया मोहनपाल एवं स्वर्णरेखा बालू घाट: इस घाट का कुल विस्तृत क्षेत्र 46.30 हेक्टेयर है।
सरकार को ₹20 करोड़ के राजस्व की उम्मीद, अवैध धंधे पर लगेगा ब्रेक
इन दोनों बड़े घाटों से वैध तरीके से बालू का उठाव और परिवहन शुरू होने से एक साथ कई बड़े फायदे होंगे:
- इस कदम से झारखंड सरकार को लगभग 20 करोड़ रुपये का बड़ा खनन राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद है।
- वैध चालान के माध्यम से बालू की आपूर्ति सुचारू होने से क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय बालू माफियाओं, अवैध उठाव और अवैध परिवहन की गतिविधियों पर कड़ा अंकुश लगेगा।
जिले में बालू घाटों का संचालन शुरू होने का सीधा सकारात्मक असर आम नागरिकों और सरकारी प्रोजेक्ट्स पर पड़ेगा। अब लोगों को बिना किसी परेशानी के और तय सरकारी दरों पर आसानी से बालू उपलब्ध हो सकेगा।
इससे जिले में चल रहे महत्वपूर्ण सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और निजी निर्माण कार्यों में आ रही बाधाएं दूर होंगी, विकास योजनाओं की गति तेज होगी तथा आम नागरिकों को अपने आशियाने व अन्य निर्माण कार्यों को पूरा करने में बड़ी सहूलियत मिलेगी।
