पश्चिम एशिया संकट के बीच केंद्र सरकार का बड़ा फैसला: तेल कंपनियों के लिए 30 दिन का LPG भंडार रखना अनिवार्य, ऊर्जा सुरक्षा पर बढ़ी मुस्तैदी

पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत मुस्तैद: एलपीजी का 30 दिन का स्टॉक रखना अब अनिवार्य, तेल आपूर्ति पर सरकार की पैनी नजर।

Johar News Times
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पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में संभावित बाधाओं को देखते हुए भारत सरकार ने देश की ईंधन सुरक्षा को लेकर बड़े कदम उठाए हैं। सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की सभी तेल विपणन कंपनियों को देश में कम से कम 30 दिन का एलपीजीभंडार अनिवार्य रूप से बनाए रखने का कड़ा निर्देश दिया है।

देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार, घबराने की जरूरत नहीं पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने नई दिल्ली में इस रणनीतिक तैयारी की जानकारी दी। उन्होंने देशवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा, “देश में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी, कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का पर्याप्त भंडार मौजूद है। फिलहाल किसी भी एलपीजी वितरण केंद्र पर आपूर्ति में कमी की कोई सूचना नहीं है।” उन्होंने यह भी बताया कि सरकार कच्चे तेल की भंडारण क्षमता बढ़ाने और रणनीतिक भंडारों के माध्यम से निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने पर लगातार काम कर रही है।

पश्चिम एशिया में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और अतिरिक्त उड़ानें इसी बीच विदेश मंत्रालय के अपर सचिव असीम महाजन ने बताया कि खाड़ी और पश्चिम एशिया क्षेत्र के तनावग्रस्त इलाकों में स्थित भारतीय दूतावास वहां रह रहे नागरिकों के साथ लगातार संपर्क में हैं और उन्हें समय पर सहायता प्रदान कर रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों से भारतीयों की सुरक्षित वापसी के लिए विभिन्न हिस्सों के लिए अतिरिक्त उड़ानों का संचालन भी किया जा रहा है।

सुरक्षित निकला कच्चे तेल का महाटैंकर ‘निसोस केरोस’ पत्‍तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के निदेशक ओपेश कुमार शर्मा ने एक और बड़ी और राहत भरी खबर साझा की। उन्होंने बताया कि लगभग 2.70 लाख मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर आ रहा टैंकर ‘निसोस केरोस’ सबसे संवेदनशील इलाके ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ से सुरक्षित निकल चुका है। इस तेल टैंकर के 3 जून को विशाखापट्टणम पहुंचने की उम्मीद है।

मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि वे नाविकों की सुरक्षा के लिए विदेश मंत्रालय और संबंधित अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ लगातार तालमेल बिठाकर काम कर रहे हैं। क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी भी भारतीय या विदेशी ध्वज वाले पोत पर भारतीय नाविकों से जुड़ी किसी अप्रिय घटना की कोई खबर नहीं है।

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