सरायकेला उपायुक्त का नीमडीह अंचल कार्यालय में औचक निरीक्षण: बोले- ‘अनावश्यक लापरवाही बर्दाश्त नहीं, 15 दिनों में निपटाएं दाखिल-खारिज के मामले’

नीमडीह अंचल कार्यालय में डीसी का छापा: सुधारे कार्य संस्कृति, जनता को दें त्वरित सेवा।

Johar News Times
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सरकारी दफ्तरों की कार्यशैली को सुधारने और आम जनता को समय पर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सरायकेला के उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। इसी कड़ी में उपायुक्त ने प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय, नीमडीह का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने दफ्तर की विभिन्न शाखाओं, फाइलों के रख-रखाव, राजस्व कार्यों और जन-शिकायतों की जमीनी हकीकत को देखा।

उपायुक्त ने मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त लहजे में कहा कि कार्य संस्कृति में सुधार लाएं। आम नागरिकों से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की अनावश्यक देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

प्रमुख बिंदु: एक नज़र में

  • एक्शन मोड: डीसी नितिश कुमार सिंह ने नीमडीह ब्लॉक और अंचल कार्यालय का औचक निरीक्षण किया।
  • म्यूटेशन पर अल्टीमेटम: लंबित दाखिल-खारिज के मामलों को 15 दिनों के भीतर अभियान चलाकर निपटाने का निर्देश।
  • जनता दरबार: बीडीओ को हर मंगलवार और शुक्रवार को अनिवार्य रूप से जनता दरबार लगाने का आदेश।
  • बायोमेट्रिक अटेंडेंस: सभी कर्मचारियों के लिए समय पर दफ्तर आने और बायोमेट्रिक हाजिरी बनाने के निर्देश।

बिना ठोस कारण म्यूटेशन पेंडिंग रखा तो होगी कार्रवाई

राजस्व एवं भूमि संबंधी मामलों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने दाखिल-खारिज और परिमार्जन की स्थिति का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने अंचल अधिकारी को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि ऑनलाइन म्यूटेशन के आवेदनों को बिना किसी ठोस और वैध कारण के पेंडिंग न रखें। जो भी मामले लंबित हैं, उन्हें अगले 15 दिनों में मिशन मोड में निष्पादित करें।

ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर गंभीर दिखे उपायुक्त ने प्रखंड विकास पदाधिकारीको निर्देश दिया:

“प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को कार्यालय में ‘जनता दरबार’ का आयोजन करें। लोगों की समस्याओं को सीधे सुनें और उनका ऑन-द-स्पॉटसमाधान करने का प्रयास करें। सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए।”

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने कार्यालय परिसर की साफ-सफाई और सरकारी दस्तावेजों के रख-रखाव पर असंतोष जताया और इसे तुरंत व्यवस्थित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी कर्मचारी अनुशासन का पालन करें, समय पर आएं और बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज करें। साथ ही, दफ्तर आने वाली आम जनता के साथ शालीन और शिष्ट व्यवहार करें।

इस औचक निरीक्षण के दौरान चांडिल के अनुमंडल पदाधिकारी समेत कई अन्य प्रखंड स्तरीय अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।

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