रांची: झारखंड में जन वितरण प्रणाली (PDS) से जुड़े राशन दुकानदारों के कमीशन भुगतान को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। राज्य के खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने सभी 24 जिलों के जिला आपूर्ति पदाधिकारियों (DSO) को सख्त निर्देश जारी करते हुए तकनीकी खामियों वाले पे-आईडी सुधारने के लिए 31 मई 2026 तक का अल्टीमेटम दिया है। विभाग के अनुसार लगभग 2,800 दुकानदारों के पे-आईडी में तकनीकी गड़बड़ी के कारण भुगतान अटका हुआ है, जिन्हें जल्द दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, फेयर प्राइस शॉप डीलर एसोसिएशन ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा है कि राज्य के करीब 25,000 दुकानदारों में से केवल 2,800 के ही खाते में समस्या है, जबकि शेष 22,200 दुकानदारों का विवरण सही होने के बावजूद उनका 13 महीने से कमीशन भुगतान लंबित है।
एसोसिएशन का कहना है कि तकनीकी खामियों की आड़ में सभी दुकानदारों का भुगतान रोकना उचित नहीं है, जिससे ग्रामीण स्तर पर राशन व्यवस्था से जुड़े लोगों को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि पे-आईडी और बैंक विवरण में सुधार की जिम्मेदारी जिलों के डीएसओ और जिला प्रबंधकों की होगी। साथ ही सभी जिलों से प्रतिदिन शाम 5 बजे तक प्रगति रिपोर्ट मांगी गई है।
इधर, राशन दुकानदारों के अनुसार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) मद का 13 महीने और झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना (JSFSS) मद का 9 महीने का कमीशन बकाया है। लंबे समय से भुगतान नहीं होने के कारण कई दुकानदार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। सरकार ने निर्देश दिया है कि तय समयसीमा के भीतर सभी त्रुटियों को दूर किया जाए, अन्यथा संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। वहीं डीलर संगठन ने सरकार से बिना देरी किए बकाया कमीशन जारी करने की मांग की है।
